Friday, January 2, 2026
HomePush NotificationUmar Khalid Case : अमेरिकी सांसदों ने भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर...

Umar Khalid Case : अमेरिकी सांसदों ने भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर उमर खालिद के लिए ‘निष्पक्ष’ सुनवाई की मांग की, यूएपीए के तहत दर्ज हुआ था केस

Umar Khalid Case : न्यूयॉर्क। अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर कार्यकर्ता उमर खालिद के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार ‘‘निष्पक्ष और समयबद्ध’’ सुनवाई का आग्रह किया है। सांसद जिम मैकगवर्न और जेमी रस्किन उन आठ सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने ‘‘दिल्ली में फरवरी 2020 की हिंसा के संबंध में खालिद समेत आरोपी व्यक्तियों को सुनवाई से पूर्व लंबे समय से हिरासत में रखे जाने के बारे में अपनी चिंता’’ व्यक्त की है।

यूएपीए के तहत दर्ज हुआ था उमर खालिद पर केस

फरवरी 2020 के दिल्ली दंगा मामले में ‘मुख्य साजिशकर्ता’ होने के आरोप में खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दंगे में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। पत्र में कहा गया है, ‘‘अमेरिका और भारत के बीच एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी है, जिसकी जड़ें ऐतिहासिक रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक शासन से जुड़ी रही हैं।

इसमें कहा गया कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते दोनों देशों का स्वतंत्रता, कानून के शासन, मानवाधिकारों और बहुलतावाद की रक्षा और संरक्षण में साझा हित है। सांसदों ने कहा कि ‘‘इसी भावना के तहत’’ वे उमर खालिद की हिरासत को लेकर अपनी चिंताएं उठा रहे हैं। सांसदों का दावा है कि मानवाधिकार संगठनों, विधि विशेषज्ञों और वैश्विक मीडिया ने खालिद की हिरासत से जुड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। पत्र में कहा गया कि खालिद को यूएपीए के तहत लगाए गए आरोपों के लिए पांच साल से बिना जमानत के हिरासत में रखा गया है, जिसके बारे में स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह कानून के समक्ष समानता और उचित प्रक्रिया के अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन हो सकता है।

अमेरिकी सांसदों ने की खालिद के लिए ‘निष्पक्ष’ सुनवाई की मांग

अमेरिकी सांसदों ने कहा कि वे समझते हैं कि ये मामले इस समय उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं और उन्होंने इस बात का स्वागत किया कि खालिद को अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत दी गई। उन्होंने आग्रह किया कि खालिद को जमानत दी जाए और अदालत की कार्यवाही की अवधि के दौरान रिहा रखा जाए। वहीं, न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने ‘‘कड़वाहट’’ को महत्व नहीं देने और स्वयं पर इसके हावी नहीं होने पर खालिद के विचारों को याद किया।

ममदानी की इस चिट्ठी को खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। इस हाथ से लिखी चिट्ठी पर ममदानी के दस्तखत भी हैं। उन्होंने लिखा है, ‘‘प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपको लेकर चिंतित हैं।’’

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular