Russian Oil: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण पैदा हुए तेल संकट के बीच अमेरिका ने बड़ा फैसला किया है. अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत दे दी है. हालांकि यह अनुमति 30 दिन के लिए अस्थायी तौर पर दी गई है. अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल का प्रवाह बनाए रखना है.
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कही ये बात
स्कॉट बेसेंट ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा-वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता जारी रखने के लिए, वित्त विभाग भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दे रहा है. भारत अमेरिका का एक आवश्यक साझेदार है, और हम पूरी तरह से आशा करते हैं कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल की खरीद में तेजी लाएगी. यह अल्पकालिक उपाय वैश्विक ऊर्जा को बंधक बनाने के ईरान के प्रयास के कारण उत्पन्न दबाव को कम करेगा.’
President Trump’s energy agenda has resulted in oil and gas production reaching the highest levels ever recorded.
— Treasury Secretary Scott Bessent (@SecScottBessent) March 6, 2026
To enable oil to keep flowing into the global market, the Treasury Department is issuing a temporary 30-day waiver to allow Indian refiners to purchase Russian oil.…
समुद्र में इस वजह से खड़े थे रूसी तेल टैंकर
अमेरिका के इस फैसले से समुद्र में फंसे रूसी तेल टैंकरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उनके तेल के लिए खरीदार आसानी से मिल सकेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भुगतान व्यवस्था, बीमा कवर और अन्य अनिश्चितताओं की वजह से ये जहाज समुद्र में ही रुके हुए थे और उनका तेल तुरंत उतारना मुश्किल हो गया था। इसी वजह से भारतीय तेल रिफाइनरियों ने भी रूस से तेल खरीदने में संकोच करना शुरू कर दिया था कि कहीं ये कदम नियमों के खिलाफ तो नहीं होगा।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सरकारी तेल रिफाइनरियां- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड रूस के कच्चा तेल जल्द मंगाने के लिए ट्रेडर्स के बातचीत कर रही है. बताया गया कि इन रिफाइनरियों ने पहले ही करीब 20 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीदा लिया है.




