Russia-Ukraine War : नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन तनाव के बीच भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा कि उनका देश ‘हार नहीं मानेगा और किसी भी क्षेत्र पर कब्जा स्वीकार नहीं करेगा। बृहस्पतिवार रात पीटीआई वीडियो से बातचीत में उन्होंने कहा कि रूस को भारत के साथ व्यापार करने से फायदा हुआ है। यूक्रेनी राजदूत ने कहा, बेशक, (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन को भारत के साथ व्यापार करने और तेल पर भारी छूट देने से फायदा हुआ, लेकिन समस्या यह है कि पुतिन इस पैसे का इस्तेमाल रूस में सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि रूस को अगले वर्ष तक सामाजिक कार्यक्रमों के वित्तपोषण में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि रूस को ‘इस (तेल) से अर्जित धन का उपयोग अपनी सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए’ न कि ‘युद्ध को बढ़ावा देने के लिए।

यूक्रेन ‘हार नहीं मानेगा और न ही किसी क्षेत्र पर कब्जा स्वीकार करेगा : पोलिशचुक
पोलिशचुक ने यह बात ऐसे समय में कही है जब भारत से होने वाले निर्यात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने का ट्रंप प्रशासन का फैसला 27 अगस्त को प्रभावी हो गया है। इसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया है। शुल्क लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से भारत-अमेरिका संबंधों को झटका लगा है। रूस-यूक्रेन युद्ध पर पोलिशचुक ने कहा कि यूक्रेन ‘हार नहीं मानेगा और न ही किसी क्षेत्र पर कब्जा स्वीकार करेगा।
यूक्रेनी राजदूत से ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की टिप्पणी के बारे में पूछा गया, जिन्होंने कहा था कि ‘शांति का मार्ग कुछ हद तक नयी दिल्ली से होकर गुजरता है।’ यूक्रेनी राजदूत ने कहा, ‘यह प्रश्न संभवत: यहां स्थित अमेरिकी दूतावास से पूछा जाना चाहिए, मुझसे नहीं।’राजनयिक ने रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान में भारत की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘हमें वास्तव में भारत सरकार से इस अटूट समर्थन की उम्मीद थी।’ राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यूक्रेन के राष्ट्रीय दिवस पर राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को लिखे गए पत्र के बारे में भी बात की।
भारत और यूक्रेन दोनों का स्वतंत्रता दिवस अगस्त में आता है। राजदूत ने इस संयोग को लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। जेलेंस्की की संभावित भारत यात्रा के बारे में पोलिशचुक ने कहा, ‘हां, पिछले साल से ही हमें निमंत्रण मिला हुआ है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि निश्चित रूप से ऐसा होगा।’ प्रधानमंत्री मोदी ने अगस्त 2023 में यूक्रेन की यात्रा की थी।