West Bengal Elections 2026: कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) द्वारा नवनियुक्त अधिकारियों को उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल करते समय सावधानी बरतने को कहा।
भाजपा के लिए नामांकन खारिज कर रहा आयोग?
बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के नानूर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का ‘‘दुरुपयोग करने का’’ आरोप लगाया। बनर्जी ने रैली में कहा, ‘‘सब कुछ बदल दिया गया है, यहां नयी व्यवस्था है। निर्वाचन आयोग द्वारा नवनियुक्त अधिकारियों को आपका नामांकन खारिज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है इसलिए नामांकन दाखिल करते समय सावधानी बरतें।’’

मुख्यमंत्री ने लोगों, खासकर महिलाओं से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) महिला विरोधी हैं इसलिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में तार्किक विसंगति का हवाला देकर उनके नाम हटाए जा रहे हैं।’’ पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतों की गिनती चार मई को होगी।
बीजेपी अवैध मतदाताओं को सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही : ममता
बता दें कि सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिहार, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अवैध मतदाताओं के नाम राज्य की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है ताकि चुनाव परिणाम को उसके पक्ष में मोड़ा जा सके। बनर्जी ने पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में एक चुनावी रैली में यह बात कही। उन्होंने रैली में अपनी अपील दोहराई कि जनता इस पर ध्यान न दे कि विधानसभा क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कौन हैं बल्कि उन्हें ही (ममता बनर्जी को) सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार मानें।
पार्टी प्रमुख ने कहा, ‘‘ कल अभिषेक (बनर्जी) ने मुझे बताया कि नए मतदाताओं को शामिल करने के लिए एक ही दिन में लगभग 30,000 फॉर्म जमा होने की सूचना मिलने पर उन्हें अपने चुनाव प्रचार कार्यक्रम के बीच में ही कोलकाता स्थित चुनाव आयोग कार्यालय जाना पड़ा।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ भाजपा बिहार, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अवैध मतदाताओं को बंगाल की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है। वे बिहार की तरह ही रेल के माध्यम से बाहरी मतदाताओं को लाने की योजना बना रहे हैं।’’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा के मन में बंगाल और राज्य के लोगों के लिए ‘कोई सम्मान नहीं’ है। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करने और एसआईआर प्रक्रिया की आड़ में राज्य की मतदाता सूची से महिलाओं और अल्पसंख्यकों के नाम हटाने का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा, ‘‘ भाजपा और चुनाव आयोग लोगों के नागरिकता, संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन रहे हैं। हम हर कदम पर उनका मुकाबला करेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो वह बंगालियों के ‘‘मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा देगी’’। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस केंद्र द्वारा राज्य में एनआरसी को लागू करने के प्रयासों और लक्षित नागरिकों को निरुद्ध केंद्रों में भेजने की योजनाओं को विफल कर देगी।



