Thursday, February 12, 2026
HomeNational NewsKarnataka : हत्या मामले में भाजपा विधायक बीए बसवराज को बड़ा झटका,...

Karnataka : हत्या मामले में भाजपा विधायक बीए बसवराज को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत पर सुनवाई से किया इनकार

उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक के भाजपा विधायक बी.ए. बसवराज की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जन प्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जांच का सामना करना चाहिए। बाद में बसवराज ने याचिका वापस ले ली, जिसे नियमित जमानत के लिए आवेदन की छूट के साथ स्वीकार किया गया। मामला 2025 में शिवप्रकाश की हत्या से जुड़ा है, जिसमें बसवराज आरोपी हैं।

Karnataka : नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक के भाजपा विधायक बी.ए. बसवराज द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने हत्या के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार करने वाले उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘‘आप एक जन प्रतिनिधि है। आपको साहस के साथ आगे बढ़कर यह कहना चाहिए कि मैं किसी भी तरह की पूछताछ का सामना करने के लिए तैयार हूं।’’ प्रधान न्यायाधीश के साथ पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची भी शामिल थे। बसवराज को 15 जुलाई, 2025 को शिवप्रकाश उर्फ ​​बिकला शिव की हत्या के मामले में बतौर आरोपी नामजद किया गया है।

जांच का सामना करें जन प्रतिनिधि : सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय द्वारा याचिका पर सुनवाई करने को लेकर अनिच्छा जताए जाने के बाद बसवराज की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अर्जी वापस लेने की अनुमति मांगी। पीठ ने याचिकाकर्ता को नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता के साथ याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। पीठ ने कहा, ‘‘हम संबंधित न्यायालय से नियमित जमानत के आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध करते हैं।’’ रोहतगी ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि याचिकाकर्ता का हत्या से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला संपत्ति का विवाद था और ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि बसवराज का इससे कोई संबंध था।

प्रधान न्यायाधीश ने टिप्पणी की, ‘‘भूमि हड़पने वालों को आमतौर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होता है।’’ पीठ ने कहा कि हत्या के मामले में अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करते समय अदालत को ‘‘बहुत सतर्क’’ रहना चाहिए। कुछ आरोपों का जिक्र करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि ये जांच के विषय हैं। उच्च न्यायालय ने 10 फरवरी को पारित आदेश में कहा था, ‘‘यह देखते हुए कि अग्रिम जमानत देना एक असाधारण राहत है जिसे बढ़ाया जा सकता है। अदालत की राय है कि याचिकाकर्ता की राजनीतिक रसूख और मृतक की मां का उसके निर्वाचन क्षेत्र में रहने के तथ्य के मद्देनजर, निष्पक्ष जांच में बाधा आने की आशंका है और यह भी अग्रिम जमानत से इनकार करने का एक कारण हो सकता है।’’

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular