Friday, January 30, 2026
HomeUser Interest CategoryBusinessShare Market Update Today : शेयर बाजार में छाया सन्नाटा, अमेरिकी शुल्क...

Share Market Update Today : शेयर बाजार में छाया सन्नाटा, अमेरिकी शुल्क की चिंता से सेंसेक्स 780 अंक लुढ़का, इन शेयरों में आई भयंकर गिरावट

वैश्विक बाजारों में बिकवाली और अमेरिकी शुल्क बढ़ने की आशंका के बीच घरेलू शेयर बाजारों में लगातार चौथे दिन गिरावट रही। सेंसेक्स 780 अंक टूटकर 84,180 पर और निफ्टी 264 अंक गिरकर 25,876 पर बंद हुआ। धातु, तेल-गैस शेयरों में बिकवाली और एफआईआई की निरंतर निकासी से बाजार पर दबाव बना रहा।

Share Market Update Today : मुंबई। वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली और अमेरिकी शुल्क बढ़ाए जाने की आशंका के बीच बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजारों में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 780 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी को 264 अंकों का बड़ा नुकसान हुआ। विश्लेषकों के मुताबिक, धातु, तेल एवं गैस और जिंस शेयरों में भारी बिकवाली और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर निकासी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।

इन कंपनियों के शेयरों में भयंकर गिरावट

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 780.18 अंक यानी 0.92 प्रतिशत लुढ़ककर 84,180.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 851.04 अंक तक गिरकर 84,110.10 के स्तर तक आ गया था। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 263.90 अंक यानी 1.01 प्रतिशत टूटकर 25,876.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से लार्सन एंड टुब्रो, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और ट्रेंट सबसे ज्यादा नुकसान में रहीं। दूसरी तरफ, इटर्नल, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऐसे प्रतिबंधात्मक विधेयक का समर्थन किए जाने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है।

अमेरिका ने चीन, भारत और ब्राजील सहित कई देशों पर बनाया दबाव

इस विधेयक को पेश करने की तैयारी में जुटे सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि इससे अमेरिका को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करने का दबाव बनाने के लिए ‘जबर्दस्त ताकत’ मिलेगी। अमेरिकी प्रशासन पिछले साल अगस्त में ही भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क को बड़ाकर 50 प्रतिशत कर चुका है। इसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूसी तेल खरीद जारी रखने के जुर्माने के तौर पर लगाया गया था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘अमेरिकी शुल्क को लेकर नई चिंताओं और एफआईआई की लगातार बिकवाली के चलते घरेलू बाजारों में सतर्कता का माहौल बना रहा, जिससे मुनाफे की उम्मीदें फीकी पड़ गईं।’

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक बढ़त में रहा, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में बंद हुए। यूरोपीय बाजार हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को ज्यादातर कमजोर रहे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.75 प्रतिशत बढ़कर 60.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बुधवार को सेंसेक्स 102.20 अंक गिरकर 84,961.14 और निफ्टी 37.95 अंक फिसलकर 26,140.75 पर बंद हुआ था।

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular