नई दिल्ली: कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष कई ऐतिहासिक और अभूतपूर्व झलकियां देखने को मिलेंगी। पहली बार लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली रॉकेट लॉन्चर प्रणाली ‘सूर्यास्त्र’, नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जांस्कर टट्टू और बैक्ट्रियन ऊंट परेड का हिस्सा बनेंगे।
एक विशेष पहल के तहत 61वीं कैवलरी के घुड़सवार जवान युद्ध सामग्री से सुसज्जित होकर कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगे। वे स्वदेशी सैन्य उपकरणों और अत्याधुनिक साजो-सामान के साथ चरणबद्ध युद्ध संरचना में अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे।
इस परेड में शक्तिबाण रेजिमेंट भी पहली बार शामिल होगी। यह नवगठित रेजिमेंट ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों से लैस होगी, जो आधुनिक युद्ध क्षमताओं को दर्शाएगी।
दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने बताया कि परेड में लगभग 6,000 रक्षाकर्मी भाग लेंगे।
26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाली इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में देश की सैन्य शक्ति और स्वदेशी क्षमताओं की प्रभावशाली झलक देखने को मिलेगी।




