India Russia Defense Deal : नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद के संबंध में रूस की कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ 445 करोड़ रुपये के अनुबंध पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय नौसेना के पी8आई ‘लॉन्ग-रेंज मैरीटाइम रिकोनिसेंस’ विमान के रखरखाव के लिए बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ 413 करोड़ रुपये का एक अलग अनुबंध किया गया है। मंत्रालय ने बताया, ‘‘भारतीय सेना के लिए 445 करोड़ रुपये मूल्य की तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद को लेकर रूस की जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।’’
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ये अत्याधुनिक मिसाइलें विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के खिलाफ भारत की बहुस्तरीय हवाई रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।’’ बयान में कहा गया कि ‘‘100 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के साथ ‘बाय इंडियन’ श्रेणी के तहत पी-8आई विमानों के निरीक्षण के लिए किया गया अनुबंध, एमआरओ (रखरखाव और मरम्मत) सुविधा पर बेड़े के डिपो-स्तरीय रखरखाव को सुनिश्चित करेगा।’’ बोइंग पी-8आई, बहु-भूमिका वाला लंबी दूरी का समुद्री टोही पनडुब्बी रोधी विमान (एलआरएमआर एएसडब्ल्यू), हिंद महासागर में भारतीय नौसेना के समुद्री निगरानी अभियानों का अभिन्न अंग है। भारतीय नौसेना वर्तमान में 12 पी-8आई विमानों का संचालन करती है।

P8I एयरक्राफ्ट के लिए 413 करोड़ की डील
इंडियन नेवी के लिए P8I लॉन्ग-रेंज मैरीटाइम रिकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट के इंस्पेक्शन (डिपो लेवल) के लिए 100% इंडिजिनस कंटेंट के साथ ‘बाय इंडियन’ कैटेगरी के तहत 413 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट, बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ साइन किया गया, जो बोइंग की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली इंडियन सब्सिडियरी है। रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में यह कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया। यह कॉन्ट्रैक्ट देश में मौजूद MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) फैसिलिटी में P8I फ्लीट का डिपो लेवल पर मेंटेनेंस पक्का करेगा, जो भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया के वादे के मुताबिक है।
इसी साल मिलेंगे एस-400 डिफेंस सिस्टम के 2 स्क्रॉड्रन
भारत ने 2018 में रूस के साथ एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए सौदा किया था। इसमें कुल 5 स्क्रॉड्रन शामिल थे। इनमें से तीन भारत को मिल चुके हैं, लेकिन दो स्क्रॉड्रन की डिलीवरी अभी बाकी है। अब रूस ने कहा है कि इसी साल के अंत तक भारत को एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बाकी दोनों स्क्रॉड्रन की डिलीवरी मिल जाएगी।



