Budget 2026 : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रविवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की। लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार, छोटे व मझोले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए जोखिम गारंटी कोष स्थापित करने का भी प्रस्ताव करती है। सीतारमण ने कहा कि घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के लिए निर्माण व अवसंरचना उपकरणों के संवर्धन को एक योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आईसीएआई, आईसीएसआई जैसे व्यावसायिक संस्थानों को अल्पकालिक ‘मॉड्यूलर’ पाठ्यक्रम तैयार करने में सहायता देने का भी प्रस्ताव करती है।
आयुर्वेद के तीन नए एम्स
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और 41 प्रतिशत कर हस्तांतरण का फार्मूला बरकरार रखा गया है। आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है। खेल क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू किया जाएगा।
एसएमई के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का कोष प्रस्तावित किया गया है। एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में तेजी को देखते हुए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने में सहायता दी जाएगी।
पर्यटन और कृषि के लिए बड़े ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी, इसके लिए किसी राशि की शर्त नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से किसी व्यक्ति को मिले ब्याज पर अब आयकर नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं काटा जाएगा। पर्यटन और पर्यावरण क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल विकसित की जाएगी, साथ ही अराकू वैली और पश्चिमी घाट में भी ऐसी ट्रेल्स तैयार की जाएंगी।
ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ घोंसले वाले क्षेत्रों के पास कछुआ ट्रेल्स का विकास किया जाएगा, ताकि जैव विविधता का संरक्षण हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले। कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ‘भारत विस्तार’ के तहत आया है। यह एक बहुभाषी AI टूल है जो एग्री-स्टैक पोर्टल और ICAR के कृषि प्रथाओं के पैकेज को AI सिस्टम से जोड़कर किसानों और कृषि व्यवसायियों को स्मार्ट और आसान एक्सेस देगा।




