अमेरिका आधारित मानवाधिकार संस्था ने दावा किया है कि ईरान में चल रहे देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान अब तक 3,766 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। संस्था का कहना है कि सरकार द्वारा प्रदर्शनों को दबाने के लिए की गई हिंसक कार्रवाई में यह जानें गई हैं और मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

‘द ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, इससे पहले मृतकों की संख्या 3,308 बताई गई थी, लेकिन नए आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि हालिया प्रदर्शन ईरान के इतिहास के सबसे घातक प्रदर्शनों में शामिल हो गए हैं। हालांकि, समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

ईरान सरकार की ओर से अब तक मृतकों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। लेकिन शनिवार को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्वीकार किया कि प्रदर्शनों में “हजारों” लोगों की मौत हुई है। इसके लिए उन्होंने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। यह बयान 28 दिसंबर से शुरू हुए आर्थिक संकट विरोधी प्रदर्शनों में हताहतों की संख्या को लेकर किसी ईरानी नेता का पहला संकेत माना जा रहा है।
मानवाधिकार संस्था का दावा है कि हिंसक कार्रवाई के दौरान 24,348 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, ईरान लगातार अमेरिका और इजराइल पर देश में अशांति फैलाने का आरोप लगाता रहा है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार तेहरान को चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल करती पाई गई, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा।




