Ram Setu : नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राज्यसभा के पूर्व सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने ‘रामसेतु’ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के उनके अभ्यावेदन पर ‘शीघ्रता से’ निर्णय लेने का सरकार को निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था।
‘रामसेतु’ तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी अपतटीय क्षेत्र स्थित पम्बन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र स्थित मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की एक लंबी श्रृंखला है। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने स्वामी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की तथा केंद्र को नोटिस जारी किया।

प्राचीन शास्त्रों में मिलता है रामसेतु का उल्लेख
रामसेतु भारत के रामेश्वरम से श्रीलंका के मन्नार द्वीप तक चूना पत्थर की एक शृंखला है, जिसका उल्लेख रामायण में मिलता है। इसे भगवान राम ने अपनी सेना के साथ समुद्र पार करने के लिए बनाया था। वैज्ञानिक रूप से, यह भारत और श्रीलंका के बीच एक पूर्व भूमि संपर्क है। इसे एडम ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है और 15वीं शताब्दी तक यह पैदल पारगम्य था।