नोएडा। मध्यप्रदेश के इंदौर में हाल ही में दूषित पानी पीने से लगभग 15 लोगों की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। हालांकि ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा में देखने को मिला है। नोएडा में डेल्टा 1 सेक्टर के कई निवासी कथित तौर पर दूषित पेयजल पीने के बाद बीमार पड़ गए, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और आपूर्ति लाइन में सीवेज का पानी मिलने की शिकायतें सामने आईं। अधिकारियों और निवासियों ने यह जानकारी दी। प्रभावित निवासियों ने मंगलवार और बुधवार को इस सेक्टर के कुछ हिस्सों में नल का पानी पीने के बाद उल्टी, बुखार, पेट दर्द और दस्त जैसे लक्षणों की सूचना दी।
नोढडा में ‘दूषित’ पानी पीने से कई लोग बीमार पड़े
हालांकि, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) के अधिकारियों ने पीने के पानी की आपूर्ति में सीवेज के मिश्रण से इनकार किया और दावा किया कि अब तक किए गए परीक्षणों में पानी स्वच्छ पाया गया है। स्थानीय निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए) के पूर्व अध्यक्ष एवं निवासी ऋषिपाल भाटी ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीवर के पानी का अतिप्रवाह और पाइपलाइनों में लीकेज, विशेष रूप से सी ब्लॉक में, इस समस्या का कारण बना।उन्होंने कहा, दूषित पानी पीने के बाद लगभग छह से सात परिवार उल्टी, बुखार और दस्त जैसे लक्षणों के बाद बीमार पड़ गए। उन्होंने कहा कि इससे पहले अन्य ब्लॉक से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं।

मध्यप्रदेश के इंदौर से हाल में सामने आए मामलों के बाद जल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई और गुजरात के गांधीनगर से भी ऐसी ही घटना सामने आई थी जहां प्रदूषित पानी की आपूर्ति के कारण कई लोग कथित तौर पर बीमार पड़ गये थे। इन घटनाओं के सामने आने के बाद से विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने पेयजल स्रोतों की निगरानी और परीक्षण बढ़ा दिया है। डेल्टा 1 के निवासियों ने आरोप लगाया कि अवरुद्ध सीवर लाइन से निकलने वाला गंदा पानी टूटी हुई पाइपलाइनों के साथ मिलकर घरों के नलों तक पहुंच रहा था। पास ही स्थित बीटा 1 सेक्टर के निवासी हरेंद्र भाटी ने दावा किया कि ग्रेटर नोएडा के कई हिस्सों में सीवेज का ‘ओवरफ्लो’ होना एक आम समस्या है। उन्होंने कहा, मैंने इस मुद्दे को कई बार उठाया है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
जल विभाग की एक टीम ने प्रभावित घरों का दौरा किया, पानी के नमूनों का परीक्षण किया
जीएनआईडीए के अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण ने बुधवार को शिकायतों पर तत्काल ध्यान दिया, जिसके बाद जल विभाग की एक टीम ने प्रभावित घरों का दौरा किया और पानी के नमूनों का परीक्षण किया। जीएनआईडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘नमूने साफ पाए गए। एक घर में पानी के कनेक्शन में समस्या थी और दूसरे घर में लीकेज था, जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया।’’ अधिकारियों ने बताया कि हाल में अन्य जगहों पर हुई घटनाओं के मद्देनजर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन जी रवि कुमार ने शहरभर में जल परीक्षण के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जल विभाग को उन सभी क्षेत्रों में परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है जहां प्राधिकरण पानी की आपूर्ति करता है। उन्होंने कहा, ‘‘पानी की आपूर्ति फिर से शुरू होने के बाद बुधवार शाम को नए नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।’’
सिंह ने कहा कि बिल्डरों और अपार्टमेंट मालिकों के संघों को नियमित रूप से जल भंडारों की सफाई करने, नमूनों का परीक्षण कराने और प्राधिकरण को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निवासियों को एक पत्र भी जारी किया जा रहा है, जिसमें उनसे दूषित जल आपूर्ति की किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया गया है। इस बीच गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को डेल्टा 1 में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया था, जहां 23 लोगों की जांच की गई और उल्टी और दस्त से पीड़ित सात मरीजों का इलाज किया गया।




