Russia Ukraine Ceasefire : नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच कथित युद्धविराम की खबरों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। रूस और यूक्रेन दोनों ने 32 घंटे के लिए अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई है। क्रेमलिन ने इस शॉर्ट-टर्म सीजफायर की पुष्टि करते हुए बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार शाम 4 बजे से लेकर रविवार शाम तक युद्ध रोकने का फैसला किया है। इस दौरान दोनों देशों की सेनाएं मोर्चे पर सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगी।
क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस अवधि में सभी दिशाओं में लड़ाई रोकी जाएगी। हालांकि किसी भी संभावित उकसावे या हमले की स्थिति से निपटने के लिए रूसी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार रहेगी। बयान में यह भी कहा गया कि रूस को उम्मीद है कि यूक्रेन इस फैसले का सम्मान करेगा और युद्धविराम के नियमों का पालन करेगा। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक संदेश जारी कर बताया कि यूक्रेन भी इस दौरान 32 घंटे तक सैन्य कार्रवाई रोक देगा। हालांकि दोनों पक्षों ने साफ किया है कि यह सिर्फ एक अस्थायी और सीमित अवधि का युद्धविराम है। यदि किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई होती है तो जवाबी कार्रवाई के लिए सेनाएं तैयार रहेंगी।

जानें सीजफायर को लेकर क्यों राजी हुए पुतिन और जेलेंस्की
इस सीजफायर का कारण कोई बार्टर सिस्टम का समझौता या मजबूरी की डिफेंस डील नहीं, बल्कि विशुद्ध धार्मिक है। दोनों देशों में ईसाई आबादी रहती है, दोनों सेनाओं में इस मत को मानने वाली सेना हैं। क्रेमलिन के अनुसार, यह युद्धविराम शनिवार शाम 4 बजे (मॉस्को के स्थानीय समय) से शुरू होकर रविवार आधी रात तक लागू रहेगा, ताकि दोनों देशों में ईस्टर का त्योहार शांति से मनाया जा सके। रूस ने उम्मीद जताई है कि यूक्रेन भी इस कदम का पालन करेगा। वहीं जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन पहले से ही ऐसे युद्धविराम का प्रस्ताव दे चुका था और अब वह भी अपने सैनिकों और देशवासियों को सुरक्षित त्योहार मनाने देने के लिए युद्धविराम कर रहा है।
सीजफायर की घोषणा के बीच हमला, रिहायशी इलाके में दो की मौत
रूस और यूक्रेन के बीच 32 घंटे के अस्थायी युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही मिनट बाद बड़े हमले की खबर आई है। रूस के एक बड़े हमले में यूक्रेन के एक रिहायशी इलाके में दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने साफ कर दिया कि जमीनी स्तर पर तनाव अब भी बेहद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह युद्धविराम कुछ समय बाद शुरू होने वाला है। ईस्टर के मौके पर घोषित इस अस्थायी सीजफायर के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच अविश्वास और तनाव कम नहीं हुआ है।
दरअसल यह युद्धविराम ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच शांति वार्ता लंबे समय से ठप पड़ी हुई है। कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान फिलहाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर केंद्रित है, जिससे रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा कुछ हद तक वैश्विक सुर्खियों से पीछे चला गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में यूक्रेन के लिए हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उनके मुताबिक युद्ध और कूटनीतिक दबाव दोनों मोर्चों पर कीव को कठिन दौर का सामना करना पड़ सकता है।



