Reliance US Oil Refinery: अमेरिका में 50 साल बाद नई तेल रिफाइनरी खुलने जा रही है. खास बात यह है कि इसमें रिलायंस इंडस्ट्री निवेश करेगी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट में करीब 300 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा. ट्रंप ने इसे अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा समझौता बताते हुए कहा कि इससे अमेरिका के ऊर्जा उत्पादन को बड़ा फायदा होगा.
अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा समझौता
ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच पर मंगलवार को एक पोस्ट में लिखा इसे 300 अरब अमेरिकी डॉलर का ऐतिहासिक समझौता बताते हुए लिखा कि यह प्रोजेक्ट उनके प्रशासन के अमेरिका फर्स्ट एजेंडा के कारण संभव हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा समझौता है और अमेरिकी कामगारों, ऊर्जा क्षेत्र एवं ‘साउथ टेक्सास’ के लोगों के लिए बड़ी जीत है.’ हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से अभी तक इस समझौते को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
President Donald J. Trump announces that America First Refining is opening the FIRST new U.S. Oil Refinery in 50 YEARS in Brownsville, Texas. 🇺🇸
— The White House (@WhiteHouse) March 10, 2026
This is what AMERICAN ENERGY DOMINANCE looks like. 💪 pic.twitter.com/UTOW7wECCI
निवेश के लिए रिलायंस को दिया धन्यवाद
ट्रंप ने कहा, ‘भारत में हमारे साझेदारों और उनकी सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी रिलायंस को इस बड़े निवेश के लिए धन्यवाद. उन्होंने कहा कि ब्राउन्सविल बंदरगाह पर बनने वाली नई रिफाइनरी अमेरिकी बाजारों को ऊर्जा उपलब्ध कराएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी, अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन बढ़ाएगी एवं हजारों रोजगार उत्पन्न करेगी.
‘अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग’ की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, उसे फरवरी में एक ‘‘वैश्विक प्रमुख ऊर्जा कंपनी’’ से 9 अंकों की राशि का निवेश प्राप्त हुआ है जिसका मूल्यांकन 10 अंकों में किया गया है. ‘अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग’ ने यह भी कहा कि उसने उसी वैश्विक ऊर्जा कंपनी के साथ 20 वर्ष के लिए बाध्यकारी आपूर्ति समझौते का प्रारूप भी तैयार किया है, जिसके तहत अमेरिका में उत्पादित ऊर्जा, जो पूरी तरह ‘अमेरिकी शेल’ तेल से प्राप्त होगी..की खरीद, प्रसंस्करण और वितरण के लिए प्रतिबद्धता सुनिश्चित की गई है.
ये भी पढ़ें: Iran Israel US War: कितना खतरनाक होता है क्लस्टर बम ? इजरायल का दावा ईरान जंग में लगातार कर रहा इस्तेमाल




