RBI MPC Meeting 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को वृहद आर्थिक स्थिति और वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए प्रमुख नीतिगत दर Repoको 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा. RBI के रेपो दर में यथावत रखने से आवास, वाहन और वाणिज्यिक कर्ज की मासिक किस्त जस-की-तस बने रहने की संभावना है.
पिछले साल दिसंबर 2025 तक कुल 1.25% की कटौती
उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर 2025 तक रेपो दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है. केंद्रीय बैंक ने बीते साल फरवरी से जून तक रेपो दर में कुल 1 प्रतिशत की कटौती की थी. वहीं अगस्त और अक्टूबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया था. दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी.
Repo दर को 5.25 फीसदी पर रखा बरकरार
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 4 फरवरी से शुरू तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए इन निर्णयों की यहां जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘एमपीसी ने आम सहमति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का निर्णय किया है.’ रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं. इसके साथ ही RBI ने मौद्रिक नीति के रुख को तटस्थ बनाए रखने का फैसला किया है. इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक स्थिति के हिसाब से नीतिगत दर में समायोजन को लेकर लचीला बना रहेगा.
अगले वित्त वर्ष GDP वृद्धि दर का अनुमान भी बढ़ाया
आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित कर क्रमश: 6.9 प्रतिशत और 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. वहीं महंगाई दर का अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिए 2.1 प्रतिशत रखा गया है.
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