जयपुर। जेईसीसी में 5 से 8 फरवरी तक इंडिया स्टोनमार्ट का आयोजन किया जाएगा। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्राकृतिक पत्थर उद्योग में भारत की बढ़ती ताकत, आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों के दौरान यह आयोजन देश का एक विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित मंच बन चुका है, जहां पत्थर, प्रौद्योगिकी और मूल्यवर्धित उत्पादों का प्रदर्शन किया जाता है। जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में आयोजित होने वाला इसका 13वां संस्करण संसाधन-आधारित प्रदर्शनी से आगे बढ़कर, मूल्य-आधारित, तकनीक-सक्षम और डिजाइन-केंद्रित वैश्विक व्यापार मंच बनने की दिशा में एक अहम कदम है.
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन ने आगे कहा कि यह संस्करण इस बात को प्रतिबिंबित करता है कि भारत अब केवल कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता निर्माण, नवाचार, स्थिरता और दीर्घकालिक सहयोग में एक गंभीर वैश्विक भागीदार के रूप में विश्व बाजारों से जुड़ने के लिए तैयार है.
राजस्थान भारत की स्टोन अर्थव्यवस्था का केंद्र
राजस्थान भारत के स्टोन इकोसिस्टम के केंद्र में स्थित है. राज्य संगमरमर, बलुआ पत्थर, ग्रेनाइट और क्वार्ट्जाइट के उत्पादन में देश का एक बड़ा योगदान देता है, जिसे खानों, प्रोसेसिंग इकाइयों, निर्यात गृहों और कुशल कारीगरों के व्यापक नेटवर्क का समर्थन प्राप्त है। किशनगढ़, मकराना, राजसमंद, जालोर और उदयपुर जैसे औद्योगिक क्लस्टर मिलकर एक संपूर्ण और परिपक्व वैल्यू चेन का प्रतिनिधित्व करते हैं।




