Monday, March 9, 2026
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राजस्थान-जम्मू कश्मीर के बीच अनोखी प्रेम कहानी, एक दुल्हन के दूल्हे दो, जोधपुर के बाद अब श्रीनगर हाईकोर्ट में दावा पेश हुआ

शकीला अख्तर की 'प्रेम कहानी' में फिर नया 'ट्विस्ट' आ गया है। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर हाईकोर्ट में शकीला अख्तर की सुरक्षा मांगते हुए शब्बीर अहमद खान ने याचिका पेश करते हुए उसके अपने साथ हुए निकाह के दस्तावेज पेश किए हैं, जबकि जितेंद्र सिंह ने Rajasthan High Court में उससे शादी का दावा करते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। मामला अब दो राज्यों में कानूनी चुनौती बन गया है।

जयपुर। शकीला अख्तर की ‘प्रेम कहानी’ में फिर नया ‘ट्विस्ट’ आ गया है। पिछले हफ्ते राजस्थान पुलिस ने CRPF के साथ जम्मू कश्मीर के आतंक प्रभावित इलाकों में उसकी तलाश तो की पर वो नहीं मिली। हालांकि जो जानकारी मिली उससे पुलिस खुद चकरा गई। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर हाईकोर्ट में शकीला अख्तर की सुरक्षा मांगते हुए शब्बीर अहमद खान ने याचिका पेश करते हुए उसके अपने साथ हुए निकाह के दस्तावेज पेश किए हैं। इधर, राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में डीडवाना-कुचामन जिले के बरड़वा थाना इलाके के जितेंद्र सिंह ने पहले ही हैबियस कॉरपास (बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ) दाखिल कर रखी है जिसमें शकीला से शादी का दावा करते हुए उसे सुपुर्द कराने की मांग की है। इसकी सुनवाई 10 मार्च को होनी है। इस तरह शकीला का मामला अब दो राज्यों में दो अलग-अलग दावों के साथ पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है।

शकीला अख्तर अनंतनाग के डूरू थाना इलाके की रहने वाली है। इससे शादी करने वाले शब्बीर अहमद खान भी वहीं पास के जमालगाम का निवासी है। श्रीनगर हाईकोर्ट में दिए गए दस्तावेजों के मुताबिक इन दोनों ने अपना निकाह 12 जून 2024 को होना बताया। अब शकीला और शब्बीर अहमद की ओर से श्रीनगर हाईकोर्ट में अपनी सुरक्षा के साथ आजादी से जीवन यापन करने की गुहार लगाई है। इस संबंध में जम्मू कश्मीर के डीजी, एसपी के साथ डूरू थाना प्रभारी को भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उनके परिजन इस निकाह को तुड़वाने में लगे हैं। श्रीनगर हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से इनकी सुरक्षा को लेकर भी व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इधर डीडवाना-कुचामन जिले के बरड़वा थाना इलाके में सुदरासन के रहने वाले जितेंद्र सिंह ने ऐसे ही दस्तावेज जोधपुर हाईकोर्ट में दाखिल गए। इसमें शकीला अख्तर से पंजाब के फिरोजपुर शहर में 16 फरवरी 2025 को शादी करने का दावा करते हुए सर्टिफिकेट पेश किया है। इसमें फिरोजपुर के टाहली मोहल्ला के हनुमान धाम के पंडित व अन्य के हस्ताक्षर हैं। शकीला अनंतनाग अल्सीदार गांव की रहने वाली है। जितेंद्र सिंह कुछ समय पहले जम्मू में किसी कंपनी के ठेके पर कार्य करने गया था। इसी दौरान शकीला से उसकी नजदीकियां बढ़ीं, बकौल जितेंद्र उसके घर वालों की सहमति से यहां फिरोजपुर में शादी कर लिव इन का सर्टिफिकेट बनवा लिया तो उधर शकीला के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। सरदार शहर के पास जम्मू पुलिस ने दोनों को धर-दबोचा और वापस वहीं ले गए। यहां शकीला ने उसके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया तो उसे तो रवाना कर दिया गया पर शकीला को उसके साथ नहीं भेजा। कुछ दिनों तक शकीला से उसने मोबाइल पर बातचीत की, फिर यह भी बंद हो गया। तब उसने यह याचिका लगाकर शकीला को मुक्त कराने की मांग की।

दो अलग-अलग दावे, अब क्या होगा?

एक प्रेम कहानी। दो दूल्हें, एक दुल्हन पर दावा दोनों का। शब्बीर अहमद खान ने शकीला से अपने निकाह का दावा श्रीनगर हाईकोर्ट में पेश करते हुए जान-माल की सुरक्षा मांगी है तो सुदरासन के जितेंद्र सिंह ने जोधपुर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर शकीला को मुक्त कराकर उसे सौंपने की गुहार की है। अब जितेंद्र के मामले में अगली सुनवाई 10 मार्च को है जबकि श्रीनगर में शकीला से जुड़े मामले की पेशी 13 मार्च को होनी है। राजस्थान पुलिस को शकीला ढूंढनी है, इसके लिए हाईकोर्ट जोधपुर ने पिछले महीने ही अपने आदेश में कहा है कि CRPF के साथ पैरा मिलिट्री फोर्स (अर्धसैनिक बल) की मदद से उसे जल्द से जल्द तलाश कर पेश किया जाए। उधर श्रीनगर हाईकोर्ट में शकीला की जान-माल की सुरक्षा मांग गई है। दोनों ही तरफ पीड़ित भले ही अलग-अलग हैं पर मामला एक सा है। दोनों के शादी के दावे भी जांचकर बयान होंगे तभी इसका खुलासा होगा कि कौन सच्चा-कौन झूठा। जितेंद्र सिंह का शकीला के साथ लिव इन का प्रमाण पत्र भी है। मजे की बात यह भी है कि दोनों राज्य की पुलिस हो या सरकार, हाईकोर्ट के आदेश -कार्यवाही के बिना कोई निर्णय ले भी नहीं सकते। अब एक तरफ बरड़वा थाना पुलिस पर शकीला को तलाशने की जिम्मेदारी है। वहीं दूसरी और जम्मू कश्मीर पुलिस को शकीला-शब्बीर की सुरक्षा के लिए ताकीद किया गया है।

वहां की पुलिस का सहयोग ‘जीरो’

जम्मू कश्मीर के आतंक प्रभावित इलाकों से शकीला अख्तर को तलाशना राजस्थान पुलिस के लिए पहले ही मुश्किल है। कई बार खाली हाथ लौटी पुलिस ने वहां की स्थानीय पुलिस के सहयोग नहीं करने का भी हवाला दिया था। इस पर जोधपुर हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए थे कि भले ही सीआरपीएफ की मदद लेनी पड़े, शकीला को तुरंत तलाश कर पेश करें। इस बार सीआरपीएफ जवानों के साथ बरड़वा थाना पुलिस की टीम वहां पहुंची भी पर न शकीला मिली न शब्बीर। मजे की बात यह है कि न तो वहां की पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये दोनों कहां हैं न ही इस बाबत जानकारी कर रहे हैं कि उनकी शादी असली है या नकली।

सीआई महेंद्र सिंह ने क्या बताया

बरड़वा थाने के सीआई महेंद्र सिंह पालावात ने बताया कि हाल ही हमारी टीम शकीला की तलाश के लिए अनंतनाग समेत कई जगह गई। सीआरपीएफ के साथ सर्च अभियान भी चलाया पर वो नहीं मिली। श्रीनगर हाईकोर्ट में शब्बीर अहमद खान के निकाहनामा पेश करने की जानकारी जरूर मिली थी। मंगलवार को जोधपुर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई है। उनके दिशा-निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी। अब मामला दो हाईकोर्ट में चला गया है, उनके आपसी समन्वय से आगे की दिशा तय होगी।

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