Rajasthan Budget Session 2026: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र का आज आगाज हो चुका है. सत्र की शुरुआत राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण से हुई, राज्यपाल ने भजनलाल सरकार की उपलब्धियों को सदन के सामने रखा. स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राजस्थान की बड़ी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ‘मां का दूध’ (Maternal Milk Bank) उपलब्ध कराने के मामले में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बन गया है. महिला स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री योजना के तहत रिकॉर्ड वाउचर जारी किए गए हैं. साथ ही, चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग कर्मी और फार्मासिस्ट सहित कुल 21,558 पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं. इन कदमों से प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी.

शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र को राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया
अपने अभिभाषण में राज्यपाल हरिभाऊ बागड ने शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र को राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. उन्होंने जानकारी दी कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं, जिससे MBBS की सीटों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. साथ ही, नर्सिंग शिक्षा को विस्तार देते हुए 5 नए नर्सिंग कॉलेज भी संचालित किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है. राज्यपाल ने संकल्प दोहराया कि राजस्थान का लक्ष्य न केवल खुद को बिजली में आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी अग्रणी भूमिका निभाना है.

2 लाख से ज्यादा बच्चों को मिल रही निशुल्क शिक्षा
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर राजस्थान का मान बढ़ाया है. प्रदेश में सरकार ने शिक्षा में नवाचार किया है. शिक्षा के मंदिरों में संस्कारवान शिक्षा दी जा रही है. गरीब एवं जरूरत मंद बच्चों को निजी स्कूल में शिक्षा दी जा रही है. राइट टू एजुकेशन के माध्यम से प्रदेश के 2 लाख से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा मिल रही है. 482 करोड़ रुपए की राशि से स्कूलों छात्र छात्राओं को स्कूल ड्रेस दिलवाई गई है.

युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार कराया जा रहा उपलब्ध
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने अभिभाषण में कहा कि ‘राजस्थान में युवाओं को सरकारी नौकरी के साथ साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है. निवेशक भी राजस्थान की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपए के MoU हुए हैं. उनमें से 8 करोड़ के MoU धरातल पर उतर चुके हैं. कर्मभूमि से मातृ भूमि अभियान को गति मिली है. अभियान में प्रवासी राजस्थानियों में उत्साह पूर्वक भूमिका निभाई है.
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