Rahul Gandhi Indore Visit : इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण कई लोगों की मौत के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शनिवार को देश के सबसे स्वच्छ शहर में पहुंचे और इस प्रकोप के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। गांधी ने निजी क्षेत्र के ‘बॉम्बे हॉस्पिटल’ में भर्ती चार मरीजों से मिलकर उनके हाल जाने और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार (Umang Singhar) भी थे।
राहुल गांधी ने की पीड़ितों से मुलाकात
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की। गांधी के दौरे के मद्देनजर भागीरथपुरा में पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए थे और जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए। भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) की इंदौर पीठ में बृहस्पतिवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है।
#WATCH | मध्य प्रदेश: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "मैं पीड़ित परिवारों से अभी मिला हूं। इनके परिवार में लोगों की मृत्यु हुई है, लोग बीमार हुए हैं। यह कहा जाता था कि देश को स्मार्ट सिटी दिए जाएंगे। ये नए मॉडल की स्मार्ट सिटी है, इसमें पीने का… pic.twitter.com/R1kCPDD9vL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2026
इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति की ओर से किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है।
अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से हुई है, लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।




