Rahul Gandhi On Indore water contamination: इंदौर में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत को लेकर राहुल गांधी ने मप्र की मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भाजपा शासित मध्य प्रदेश कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों की मौत पर हमेशा की तरह खामोश हैं. उन्होंने यह दावा भी किया कि जीवन के अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन जिम्मेदार है.
इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 2, 2026
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं – और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी…
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा-‘इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा. घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान. जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया.’ उन्होंने सवाल किया कि लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की तो फिर सुनवाई क्यों नहीं हुई?
‘साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते आपूर्ति बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? उन्होंने कहा, ‘ये ‘फोकट’ सवाल नहीं, ये जवाबदेही की मांग है. साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है. और इस अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है.’
पीएम मोदी की चुप्पी पर राहुल गांधी ने उठाया सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है – कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें. और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं.’
दूषित पेयजल से 14 लोगों की मौत का दावा
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है. बहरहाल, स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप से 6 माह के बच्चे समेत 14 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है. इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है.




