Rahul Gandhi on MGNREGA : रायबरेली(उप्र)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सत्ता का केंद्रीकरण करने और गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर उसका ‘अपमान’ किया है और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने हाशिए पर पड़े लोगों को दी जाने वाली सुरक्षा वापस ले ली है।
केंद्र सरकार पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार का यह कदम लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है। गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सत्ता अपने हाथ में लेना चाहते हैं और गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन कर रही है। हम मजदूरों के साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश की संपत्ति को उद्योगपति गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी के हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया, एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की सारी संपत्ति को कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में दे रहे हैं।

संसद ने 18 दिसंबर, 2025 को विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) विधेयक पारित किया था, जो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल के मनरेगा का स्थान लेगा। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर नए कानून वीबी-जी राम जी के जरिये राज्यों पर वित्तीय बोझ डालने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने रोहनिया के उमरन में आयोजित मनरेगा चौपाल में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ हम (संप्रग सरकार) मनरेगा योजना लेकर आए थे और इसका लक्ष्य था कि देश में जो भी मजदूरी करे, मनरेगा की दर से कम पर मजदूरी न करे।’’ उन्होंने कहा कि इस योजना को दिल्ली, लखनऊ और अफसरों के कार्यालय से न चलाया जाए, बल्कि ये योजना पंचायत से चलाई जाए।
मोदी सरकार गरीब विरोधी : राहुल गांधी
गांधी ने कहा कि पंचायत के प्रधान की कोई जिम्मेदारी होनी चाहिए, मनरेगा के वित्तीय संबंधी निर्णय प्रधानों के हाथों में हों। कोई मजदूर मनरेगा का अधिकार मांगता था तो कानूनन उसे देना पड़ता था, ये कांग्रेस पार्टी व संप्रग सरकार की योजना थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ साल पहले मनरेगा के बारे में कहा था कि इस योजना से किसी को फायदा नहीं होता है। गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अब मनरेगा सिर्फ दिल्ली (केंद्र) की सरकार की जिम्मेदारी नहीं होगी, प्रदेश की सरकारों की भी 40 प्रतिशत पैसा देने की जिम्मेदारी होगी।उन्होंने दावा किया कि भाजपा की देश के जिन प्रदेशों में सरकार है, उनमें से एक भी 40 प्रतिशत हिस्सा नहीं देगी। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि संविधान खत्म हो। जो आजादी से पहले हिंदुस्तान था, एक बार फिर नरेन्द्र मोदी वैसा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं। जहां आपके हाथों से आपकी जमीन छीनी जाए और आपकी जमीन अंबानी-अदाणी के हवाले कर दी जाए।”




