Om Birla No-confidence motion: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ”बोलने की इजाजत नहीं देने” और अन्य कई मुद्दों को लेकर विपक्ष ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा दिया. लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने विपक्ष का नोटिस मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि इस पर विचार किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
नोटिस पर 100 से ज्यादा सांसदों ने साइन
निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा महासचिव को यह नोटिस सौंपा. नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. गोगोई ने कहा कि लोकसभा महासचिव को संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है.
विपक्ष में लगातार बना हुआ गतिरोध
बीते 2 फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने और अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।




