Budget 2026 Tax Relief : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रविवार को संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया। मामूली शुल्क के भुगतान के साथ आयकरदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सीतारमण ने इसके साथ उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के मामले में लगने वाले स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव किया। विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर लगने वाले टीसीएस की दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने की घोषणा की गई। यह दर पहले 20 प्रतिशत थी। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया का भी प्रस्ताव रखा।
सीतारमण ने अपने बजट भाषण में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजा को कर से छूट देने के प्रस्ताव की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि आयकर अधिनियम, 2025 एक अप्रैल से लागू होगा और इसके नियम एवं कर रिटर्न फॉर्म जल्दी ही अधिसूचित किए जाएंगे। एक अप्रैल से आयकर अधिनियम, 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। 2026-27 के बजट में कर कानूनों में किए गए बदलावों को नए कानून में शामिल किया जाएगा।

विदेश में छोटी संपत्ति का खुलासा न करने पर भी राहत
कई बार लोग विदेश में छोटी-मोटी संपत्ति रखते हैं, लेकिन टैक्स रिटर्न में उसका खुलासा करना भूल जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी बजट में एक अच्छी खबर है। सरकार ने ऐसे लोगों को राहत दी है जिनकी विदेश में रखी गई गैर-अचल संपत्ति (Non-immovable foreign assets ) की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है। अगर उन्होंने इसका खुलासा नहीं भी किया है, तो भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। यानी, उन्हें सजा से छूट मिल जाएगी। यह नियम 1 अक्टूबर 2024 से लागू होगा, जिससे छोटे-मोटे विदेशी एसेट्स रखने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
NRI के लिए प्रॉपर्टी बेचने का झंझट खत्म
अब एनआरआई के लिए अपनी प्रॉपर्टी बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। पहले एनआरआई को प्रॉपर्टी बेचते समय TDS काटने और जमा करने के लिए एक खास नंबर TAN (Temporary Accounting Number) लेना पड़ता था। यह प्रक्रिया थोड़ी पेचीदा थी। अब सरकार ने इसे सरल बना दिया है। बजट 2026 के प्रस्ताव के अनुसार, अब प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीय खरीदार ही TDS काटेंगे और उसे अपने PAN वाले चालान के जरिए जमा कर देंगे। इससे एनआरआई को TAN लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका काम आसान हो जाएगा।




