Kiren Rijiju On Rahul Gandhi: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के लिए सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लाने की योजना छोड़ दी है क्योंकि भाजपा के एक सांसद ने इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता के खिलाफ एक ‘विशिष्ट प्रस्ताव’ शुरू करने के लिए नोटिस दिया है.
रिजिजू ने कही ये बात
रीजीजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बारे में लोकसभा अध्यक्ष से सलाह ली जाएगी कि इस मामले को सदन की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए, आचार समिति को भेजा जाए या सीधे लोकसभा में लाया जाए. उन्होंने कहा, ‘अभी यह तय नहीं हुआ है.’ उन्होंने कहा कि चूंकि एक सदस्य ने निजी तौर पर प्रस्ताव के लिए पहले ही नोटिस दे दिया है, इसलिए सरकार अपना प्रस्ताव पेश करने से बचेगी.
#WATCH केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "सरकार ने मोशन लाने का फैसला किया था। राहुल गांधी ने नियमों को तोड़ा और एक अनपब्लिश्ड किताब का गैर-कानूनी तरीके से ज़िक्र किया, उन्होंने अपने बजट भाषण में भी कई बातें कहीं – 'देश बेच दिया' और PM के लिए गलत शब्द का उपयोग… pic.twitter.com/vWgeXDkkbB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 13, 2026
निशिकांत दुबे ने सब्सटेंसिव मोशन पेश किया था
बता दें कि गुरुवार को BJP सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया था. और कहा था कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ ‘विशिष्ट प्रस्ताव’ लाने के लिए एक नोटिस दिया है. उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की सदन की सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि कैसे नेता प्रतिपक्ष विदेश जाते हैं और भारत विरोधी तत्वों के साथ सांठगांठ करते हैं.’
क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन
सब्सटेंटिव मोशन एक स्वतंत्र और स्पष्ट प्रस्ताव होता है, जिस पर सदन सीधे चर्चा कर निर्णय ले सकता है। इसमें यह साफ लिखा जाता है कि सदन किसी विषय पर क्या राय या फैसला देना चाहता है। प्रस्ताव पर बहस और मतदान संभव है, और पारित होने की स्थिति में यह सदन की आधिकारिक अभिव्यक्ति मानी जाती है।
ये भी पढ़ें: IND vs PAK: टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर, पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने के लिए अभिषेक शर्मा पूरी तरह से फिट




