Bengal Elections 2026 : पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘‘शेरनी’’ बताते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ‘‘बहुत बहादुर’’ हैं और वह झुकेंगी नहीं। मुफ्ती बृहस्पतिवार को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई छापेमारी पर प्रतिक्रिया दे रही थीं।

इस कार्रवाई से उस वक्त काफी हंगामा मच गया, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री छापेमारी स्थल पर पहुंचीं और उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी राज्य चुनावों से पहले तृणमूल के संवेदनशील डेटा को जब्त करने की कोशिश कर रही थी। मुफ्ती ने कहा कि यद्यपि जम्मू कश्मीर में ईडी या अन्य जांच एजेंसियों द्वारा इस तरह की छापेमारी एक सामान्य बात हो गई है, लेकिन ‘‘पूरा देश अब इसका स्वाद चख रहा है। उन्होंने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किये जाने के बाद खुद की, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की गिरफ्तारी के संदर्भ में कहा, ‘‘जब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया, तब छापे मारे गए थे और तीन मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला गया था, उस वक्त अधिकांश राजनीतिक दलों ने चुप्पी साधे रखी। अब यही स्थिति पूरे देश में देखने को मिल रही है। पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि बनर्जी बहुत बहादुर हैं, वह एक शेरनी हैं और वह प्रभावी ढंग से उनका मुकाबला करेंगी और आत्मसमर्पण नहीं करेंगी।’’
ममता ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच का अनुरोध किया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक तथा उसके निदेशक के खिलाफ कोलकाता में की गई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की सीबीआई जांच का अनुरोध किया है। याचिका में उसने यह भी अनुरोध किया है कि तलाशी के दौरान जिन सभी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को ‘‘अवैध और जबरन’’ तरीके से हटा लिया गया था, इन्हें तुरंत जब्त कर सील किया जाये, फॉरेंसिक रूप से सुरक्षित रखा जाये और फिर ईडी को सौंपा जाये। उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई किये जाने की उम्मीद है। कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले के तहत बृहस्पतिवार को आई-पैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय और इसके संस्थापक तथा निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के आवास पर तलाश अभियान चलाया गया। राज्य और दिल्ली में भी कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई थी।
ईडी ने बृहस्पतिवार को एक प्रेस बयान में आरोप लगाया था कि बनर्जी छापेमारी के दौरान कोलकाता के लाउडन रोड स्थित जैन के आवास पर आईं और ‘‘महत्वपूर्ण सबूत ले गईं’’ और आई-पैक के कार्यालय में भी उन्होंने ऐसा ही किया। ईडी ने याचिका में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कोयले की कथित चोरी से प्राप्त हवाला राशि के लगभग 20 करोड़ रुपये आई-पैक तक पहुंचे। यह संगठन 2021 से टीएमसी और राज्य सरकार को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसमें कहा गया है, ‘‘जांच के दौरान मिले ठोस सबूतों से पता चलता है कि हवाला चैनलों के माध्यम से आई-पैक को कम से कम 20 करोड़ रुपये की आपराधिक आय हस्तांतरित की गई थी।’’ याचिका में कहा गया है, ‘‘जांच को जारी रखते हुए और अपराध से प्राप्त धनराशि और उसके उपयोग का पता लगाने के लिए, कोयला तस्करी मामले के संबंध में आई-पैक और कुछ अन्य संस्थाओं के खिलाफ तलाश अभियान शुरू किया गया था। इसमें कहा गया, पीएमएलए के तहत जारी तलाशी अभियान में हस्तक्षेप न करने के लिए (ईडी अधिकारियों द्वारा) स्पष्ट अनुरोध किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने परिसर में प्रवेश किया।
याचिका में कहा गया है, ‘‘कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए, सुश्री ममता बनर्जी ने पुलिसकर्मियों की सहायता से अधिकृत अधिकारी के कब्जे से सभी डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेजों को जबरन अपने कब्जे में ले लिया और दोपहर लगभग 12:15 बजे परिसर से चली गईं।’’ ईडी ने कहा कि उसके अधिकारियों को ‘‘अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन नहीं करने दिया गया और उनके कामकाज में बाधा डाली गई।’’ एजेंसी ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह जब्त किये गये डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों तक किसी भी प्रकार की पहुंच बनाये जाने, इन्हें मिटाने या छेड़छाड़ को रोकने के लिए अंतरिम आदेश पारित करे।




