Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची से करीब 91 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. इस पर सीएम ममता बनर्जी ने गहरी चिंता जताई है. भवानीपुर सीट से नामांकन दाखिल करने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को लेकर फिर से अदालत का रुख करेंगी.
‘मतदाता सूची से नाम हटाकर आप TMC को नहीं हरा पाएंगे’
बनर्जी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण(SIR) की कवायद को लेकर अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, ‘मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाकर आप तृणमूल कांग्रेस को नहीं हरा पाएंगे. नामों को हटाने के विरोध में हम फिर से अदालत जाएंगे.’ बनर्जी ने फरवरी में सुप्रीम कोर्ट में दलीलें दी थीं, जिसमें उन्होंने SIR प्रक्रिया में हस्तक्षेप का अनुरोध किया था.
ममता बनर्जी ने कहा कि SIR प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से उन्हें गहरा दुख है. उन्होंने बताया कि अदालत में याचिका दायर करने के बाद कुछ नाम बहाल किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार जिन मामलों पर सुनवाई चल रही थी, उन्हें सूची में शामिल किया जाना था. अब तक करीब 32 लाख नाम बहाल किए जा चुके हैं, लेकिन शेष लगभग 58 लाख मामलों की सुनवाई अभी तक शुरू नहीं हुई है.
‘हर व्यक्ति को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए’
ममता बनर्जी ने कहा कि करीब 27.6 लाख मामलों पर अभी फैसला होना बाकी है और उनका मानना है कि हर व्यक्ति को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए. यदि नाम बहाल नहीं किए गए तो कई लोग मतदान से वंचित रह जाएंगे. जरूरत पड़ने पर उनकी पार्टी फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाएगी.
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