US-Israel-Iran War : नई दिल्ली। इजरायल के ताजा हवाई हमलों ने ईरान को बड़ा झटका दिया है। हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई। इसके अलावा एक अन्य हमले में बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी भी मारे गए। ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी IRGC में जनसंपर्क के उप-प्रमुख भी थे और जुलाई 2024 में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 1957 में जन्मे नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक रहे थे और इस दौरान घायल भी हुए थे। नैनी IRGC की ओर से आधिकारिक बयान जारी करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल थे। वह अक्सर ईरान की सैन्य ताकत, खासकर मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सख्त संदेश देते नजर आते थे।
IRGC के प्रवक्ता थे अली मोहम्मद नैनी
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी चर्चा में रहे। मार्च 2026 में उन्होंने दावा किया था कि ईरान कम से कम छह महीने तक हाई-इंटेंसिटी युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है और उसके पास ऐसी नई पीढ़ी की मिसाइलें और ड्रोन हैं, जिनका अब तक इस्तेमाल नहीं हुआ है।

नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे और करीब आठ वर्षों तक अलग-अलग भूमिकाओं में फ्रंटलाइन पर तैनात रहे। उन्होंने क़द्र बटालियन में जनसंपर्क प्रमुख, सर्पोल-ए जहाब के अबूजर बैरक में ऑपरेशंस और नजफ मुख्यालय में फ्रंटलाइन प्रचार के डिप्टी के रूप में अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
इसी बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान के 130 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, UAV सिस्टम और डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इजरायली वायुसेना का कहना है कि हमले जारी हैं, ताकि ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर कर क्षेत्र में अपनी हवाई बढ़त कायम रखी जा सके।
बासिज फोर्स के इंटेलिजेंस प्रमुख थे जनरल इस्माइल अहमदी
दूसरी ओर, बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख इस्माइल अहमदी भी इस संघर्ष में अहम भूमिका निभा रहे थे। वह बासिज फोर्स के सुरक्षा और खुफिया तंत्र के प्रमुख स्तंभ थे। बुशहर प्रांत के निवासी अहमदी को कई बार IRGC कमांडर द्वारा सम्मानित किया गया था और वह संगठन के भीतर आंतरिक सुरक्षा, जासूसी-रोध और वैचारिक निगरानी की जिम्मेदारी संभालते थे।




