Kiren Rijiju vs Rahul Gandhi : नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर ‘‘गंभीरता पूर्ण व्यवहार नहीं करने’’ का मंगलवार को आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रियंका गांधी को विपक्ष का नेता बनाया गया होता, तो ‘परफॉरमेंस’ शायद थोड़ा अच्छा होता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए सदन में लाये गए संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए रीजीजू ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष सदन में जिस तरह का हल्का व्यवहार करते हैं, वैसा ही अपने सांसदों को भी करने के लिए मजबूर करते हैं।

अगर प्रियंका गांधी वाड्रा होतीं नेता प्रतिपक्ष तो बेहतर होता प्रदर्शन : रीजीजू
संसदीय कार्य मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, आपके यहां भी अच्छे लोग हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष उन्हीं (राहुल) को बनाया। हम तो कुछ नहीं कर सकते हैं। मैं क्या कर सकता हूं। मेरे हाथ में तो है नहीं। उन्होंने सदन में उपस्थित वायनाड सांसद की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘देखिये प्रियंका गांधी वाद्रा भी पीछे बैठकर मुस्कुरा रही हैं।’’ उनकी इस बात पर विपक्षी सदस्यों के बीच भी हल्की-फुल्की चर्चा होते देखी गई।
रीजीजू ने कहा, ‘‘अगर इन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाते, तो भी ‘परफॉरमेंस’ शायद थोड़ा अच्छा होता। वह कम से कम (सदन में) बैठती तो हैं, सुनती (तो) हैं कम से कम।’’ इस पर सदन मे ठहाके गूंज उठे। उन्होंने राहुल गांधी का संदर्भ देते हुए कहा कि ‘‘इनके नेता प्रतिपक्ष तो सुनते ही नहीं।’’ इस बीच, प्रियंका अपने स्थान पर खड़ी हो गईं और मंत्री की बात सुनकर मुस्कुराती नजर आईं। फिर, रीजीजू ने कहा, ‘‘मैंने संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते कहा है। किसी भी सांसद का व्यवहार यदि अच्छा है तो मुझे उनकी सराहना करनी चाहिए। मैं भाजपा का सदस्य हूं। लेकिन यदि कोई सांसद अच्छा व्यवहार करता है तो संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते उनकी सराहना करना मेरा दायित्व है।’’

किरन रीजीजू के बयान पर प्रियंका गांधी वाड्रा का पलटवार
रीजीजू का भाषण समाप्त होने के बाद पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी से कहा, ‘‘आपका नाम लिया गया और आपकी तारीफ ( रीजीजू द्वारा) की जा रही थी, आप कुछ बोलना चाहती हैं तो बोल सकती हैं।’’ प्रियंका ने कहा कि मंत्री ने तारीफ करते-करते कह दिया कि ‘‘मैं उनकी बातों पर हंस रही थी तो मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैं क्यों हंस रही थी। मैं इसलिए हंस रही थी कि जिन नेहरूजी की आलोचना ये दिन-रात करते हैं, आज उनका एक बयान इन्होंने अपने पक्ष में दे दिया। नेहरूजी का अचानक आदर करने लगे। अचानक कह दिया कि लोकतंत्र को मजबूत करने वाले नेहरूजी ही हैं।’’
प्रियंका ने यह भी कहा कि आज एक ही व्यक्ति हैं जो पिछले 12 साल में सरकार के सामने झुके नहीं हैं और वह नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) हैं क्योंकि वह सदन में बेझिझक सच बोल देते हैं और इनसे (सत्तापक्ष से) उनकी सच्चाई पचती नहीं है। इससे पहले, रीजीजू ने तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर को पद से हटाने के प्रस्ताव पर 1954 में हुई चर्चा के दौरान उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की टिप्पणियों का हवाला दिया। संसदीय कार्य मंत्री ने उल्लेख किया कि नेहरू ने कहा था, ‘‘मैं सामने बैठे माननीय सदस्यों, जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं और जिन्होंने कर्तव्यवश इसका समर्थन किया है, उनसे निवेदन करता हूं कि वे उस दस्तावेज को पढ़ें जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। यह एक घृणित दस्तावेज है जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। मुझे संदेह है कि हस्ताक्षर करने से पहले उन्होंने इसे पढ़ा भी होगा। यदि उन्होंने इसे पढ़ा होता, तो हस्ताक्षर करने से पहले वे सौ बार हिचकिचाते।’’




