JJM Scam: जेजेएम घोटाले में गहलोत सरकार के शासन काल में मंत्री रहे महेश जोशी पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है. राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दे दी है. यह स्वीकृति प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित होने पर दी गई है. यह पूरा मामला जल जीवन मिशन में कथित घोटाले से जुड़ा है.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जोशी की हो चुकी गिरफ्तारी
मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को तहत महेश जोशी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. अब अभियोजन की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है. ईडी का कहना है कि जिस अवधि में कथित अनियमितताएं हुईं, उस समय महेश जोशी जलदाय मंत्री थे और इस मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में है.
कानून कार्रवाई अब तेजी से आगे बढ़ेगी
अभियोजन की स्वीकृति मिलने बाद अब जांच एजेंसियां सीधे ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती हैं और कोर्ट में चार्जशीट के आधार पर नियमित सुनवाई शुरू हो सकती है. दोष सिद्ध होने की स्थिति में PMLA की धारा 4 के तहत 7 साल तक की सजा, जबकि विशेष परिस्थितियों में 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है.
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