JD Vance On US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर अब विवादों के घेरे में आ गया है. दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि युद्धविराम हर जगह लागू होगा और इसमें लेबनान भी शामिल है, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उनके इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. वेंस ने स्पष्ट कहा कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान शामिल नहीं है. उनके इस बयान ने पाकिस्तान के दावे को सीधे चुनौती दी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले भ्रम को और गहरा कर दिया।
पाकिस्तान ने बताया था “कूटनीतिक जीत”
इससे पहले शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घोषणा करते हुए कहा था कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक सीजफायर हुआ है, जो हर जगह लागू होगा, जिसमें लेबनान भी शामिल है. उन्होंने इसे पाकिस्तान की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताते हुए कहा था कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में इस पर अंतिम मुहर लगेगी. शरीफ के इस बयान के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि इजराइल और अमेरिका के आधिकारिक बयान इससे अलग हैं. दोनों देशों ने संकेत दिया है कि सीजफायर सीमित दायरे में है.
जेडी वेंस ने पाकिस्तानी दावे को किया खारिज
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए वेंस ने कहा कि यह पूरा विवाद एक गलतफहमी के कारण पैदा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘ईरानियों को लगा कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है, लेकिन ऐसा कभी नहीं था. हमने न तो ऐसा कोई वादा किया और न ही ऐसा कोई संकेत दिया.
सीजफायर का दायरा क्या है ?
वेंस के मुताबिक यह सीजफायर मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका के सहयोगियों-इजराइल तथा खाड़ी के अरब देशों-के बीच तनाव कम करने पर केंद्रित है. यानी इसका दायरा सीमित है और इसे पूरे क्षेत्र में लागू युद्धविराम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. वेंस ने यह भी बताया कि इजरायल ने लेबनान में अपने कदमों को सीमित रखने पर सहमति जताई है, लेकिन यह औपचारिक सीजफायर का हिस्सा नहीं है. इसे केवल वार्ता को सफल बनाने के लिए उठाया गया एक कदम बताया.
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