जयपुर। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और पर्यटन पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और सशक्त करने वाला काइट फेस्टिवल 2026 इस वर्ष भी अपने भव्य और आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को मकर संक्रांति के पर्व पर जलमहल की पाल पर पतंग महोत्सव (काइट फेस्टिवल) का शुभारंभ करते हुए पतंग उड़ाई। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर आधारित पतंगों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और वहां उपस्थित लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विधायक बालमुकुंदाचार्य सहित कई अधिकारी और हजारों देशी-विदेशी पर्यटक उपस्थित रहे.

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराओं और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दो दशकों से भी अधिक समय से निरंतर आयोजित हो रहा यह उत्सव आज केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह राजस्थान के इवेंट-बेस्ड टूरिज़्म का प्रमुख और विश्वसनीय ब्रांड बन चुका है।

विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पतंगों की प्रदर्शनी, पतंग निर्माण का लाइव प्रदर्शन और फैंसी पतंग उड़ाने का विशेष डेमोंस्ट्रेशन भी आयोजित हुआ। पर्यटकों के आकर्षण के लिए पारंपरिक व्यंजनों का निःशुल्क वितरण, विदेशी सैलानियों के लिए निःशुल्क पतंगें, निःशुल्क ऊंटगाड़ी सवारी जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई।
शाम को शुरू होगा आयोजन का दूसरा चरण
शेखावत ने बताया की दिनभर के सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव के बाद शाम 6.30 बजे से आयोजन का दूसरा चरण प्रारंभ होगा। इस दौरान लालटेन उड़ाने का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, इसे लालटेन उत्सव का नाम दिया गया है। इसके बाद हवामहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में भव्य आतिशबाज़ी की जाएगी।
गौरतलब है कि काइट फेस्टिवल वर्षों से शहरवासियों, देशी पर्यटकों और विदेशी सैलानियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक इस उत्सव के माध्यम से राजस्थान की जीवंत संस्कृति, लोक कला और आतिथ्य परंपरा का अनुभव करते हैं। यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसे जिला प्रशासन व जयपुर नगर निगम एवं पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का सहयोग प्राप्त है।




