Jaipur Adulterated ghee seized: अगर आप भी ये समझते हैं कि जिस घी का इस्तेमाल कर रहे हैं वो पूरी तरह शुद्ध है, तो ये खबर पढ़ लीजिए इससे आपको पता चल जाएगा कि जिस घी को आप बिलकुल शुद्ध समझ कर खा रहे हैं उसमें कैसे मिलावट की जा रही है. दरअसल जयपुर के खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. टीम ने गुरुवार को माचेड़ा स्थित एक फर्म पर कार्रवाई करते हुए 43 हजार लीटर से अधिक घी मिलावट का संदेह होने पर जब्त किया है.
घी के नमूने जांच में असुरक्षित पाए गए थे
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि श्याम विहार कॉलोनी स्थित एक फर्म ‘भोग विनायक’ ब्रांड से घी बनाती है. प्रतापगढ़ जिले में इस ब्रांड घी के नमूने जांच रिपोर्ट में ‘असुरक्षित’ पाए गए थे. इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने फर्म पर पहुंचकर जांच की तो पाया की कंपनी फर्म का जो पता खाद्य अनुज्ञा पत्र एवं कार्यालय रिकॉर्ड में है वह वहां पर नहीं होकर चोरी-छिपे अन्य स्थान से घी का कारोबार कर रही थी। अधिकारियों के अनुसार यह खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की अवहेलना है.

एक पते पर संचालित हो रही थी दो फर्म
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने मौके पर पाया कि इस संस्थान पर एक अन्य फर्म ‘श्री श्याम मिल्क फूड प्रोडक्ट’ भी संचालित हो रही है. उन्होंने बताया कि दोनों फर्मों के 3 गोदामों में भोग विनायक ब्रांड का 9,065 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में, हरियाणा क्रीम ब्रांड का 17,741 लीटर एवं नक्ष डेयरी ब्रांड का 16,617 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में पाया गया। उन्होंने बताया कि सभी ब्रांड के नमूने लेने के बाद इस 43,421 लीटर घी को मौके पर ‘सीज’ किया गया. नमूनों की जांच के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
विनायक ब्रांड घी के नमूने जांच में पाए गए थे असुरक्षित
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि इससे पहले केंद्रीय प्रयोगशाला जयपुर की रिपोर्ट में भोग विनायक ब्रांड घी का नमूना जांच में ‘असुरक्षित’ पाया गया था. उन्होंने बताया कि इस पर राज्य भर में बाजार से इस घी को तत्काल वापस लिए जाने के लिए आदेश जारी किए गए थे. उन्होंने बताया कि फर्म के खिलाफ मिली अनियमितताओं के मद्देनजर खाद्य अनुज्ञा पत्र निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी की जा रही है.




