जयपुर। राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पूजा के घी के नाम पर मिलावट का बड़ा खेल उजागर किया है। सरना डूंगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित मैसर्स अष्ट विनायक फूड प्रोडक्ट्स पर छापेमारी कर 3127 किलोग्राम घी जैसी खुशबू वाला मिलावटी वनस्पति जब्त किया गया।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार और अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के निर्देशन में गठित केंद्रीय दल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी जयपुर प्रथम की टीम ने फैक्ट्री पर निरीक्षण किया।
वनस्पति और रिफाइंड ऑयल में घी का फ्लेवर मिलाया जा रहा था
जांच के दौरान पाया गया कि स्कूटर ब्रांड की वनस्पति और रिफाइंड ऑयल को गर्म कर उसमें घी का फ्लेवर मिलाया जा रहा था। इसे कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से वनस्पति के नाम पर ही “देव कृष्णा” ब्रांड और प्लेन टिन में पैक कर सस्ते दामों पर बेचा जा रहा था। यह उत्पाद आमजन को घी के रूप में भ्रमित कर बेचा जा रहा था। मौके से वनस्पति, बटर फ्लेवर युक्त मिलावटी वनस्पति और पैक्ड “देव कृष्णा” ब्रांड के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। जब्त की गई पूरी खेप को सीज कर दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा-पाठ में किया रहा था उपयोग
फर्म मालिक रामलाल जाट ने स्वीकार किया कि उक्त उत्पाद का उपयोग मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग एवं पूजा-पाठ के लिए किया जा रहा था।
जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से अपील की है कि सस्ते, संदिग्ध अथवा बिना मानक वाले खाद्य पदार्थों से बचें और मिलावट की जानकारी विभाग को दें।
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