Iran US War Ceasefire: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जंग में तनाव अपने चरम पर है. आज युद्ध का 33वां दिन है. ट्रंप की तरफ से लगातार धमकी दी जा रही है, जबकि ईरान भी लगातार इस पर करारा जवाब दे रहा है. इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिन के सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है.
पहले फेज में 45 दिन का सीजफायर
एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले फेज में 45 दिन का सीजफायर लागू किया जाएगा. इस दौरान जंग को स्थायी रूप से खत्म पर बातचीत होगी. फिर दूसरे फेज में युद्ध खत्म करने पर एक समझौता होगा. इस बातचीत में पाकिस्तान, मिस्त्र और तुर्की मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. यह बातचीत ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच टेक्स्ट मैसेज के जरिए भी हो रही है.
‘डील नहीं हुई तो ईरान पर हमला करेगा अमेरिका’
ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट और पुल जैसे अहम ढांचे सुरक्षित नहीं रहेंगे.उन्होंने कहा कि फिलहाल बातचीत चल रही है और यह एक अच्छा मौका है, लेकिन यदि कोई डील नहीं होती है तो वे कड़े कदम उठाने, यहां तक कि तेल संसाधनों पर नियंत्रण जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं. हालांकि ईरान फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर किसी बड़ी रियायत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है.
ईरान ने दी वैश्विक सप्लाई ठप करने की धमकी
ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान ने एक बड़ी चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले तेज हुए, तो वह ग्लोबल सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने संकेत दिया है कि वह सिर्फ सैन्य जवाब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार मार्गों को भी निशाना बना सकता है.
सिर्फ हॉर्मुज ही नहीं, अन्य रास्ते भी खतरे में
ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब व्यापक स्तर पर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री मार्ग को भी निशाना बनाया जा सकता है.
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