Iran US Ceasefire Update: ईरान युद्ध में सीजफायर के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. ईरान ने बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी भी दी कि अगर लेबनान पर इजराइल के हमले नहीं रुके तो वह अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम से बाहर निकल सकता है.
ईरान-अमेरिका सीजफायर की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सीजफायर के बावजूद हमले जारी रहने पर कहा है कि ईरान-अमेरिका सीजफायर की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं, अमेरिका को या तो युद्धविराम चुनना होगा या इजराइल के माध्यम से युद्ध जारी रखना होगा. दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं.
होर्मुज पर आवाजाही फिर बंद
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है. कई जहाज बीच रास्ते में फंस गए हैं और ईरानी नौसेना ने उन्हें साफ संदेश दिया है कि जलमार्ग अभी भी बंद है. यह कदम लेबनान में इजराइली हमले जारी रहने के बाद उठाया गया है. जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्तों के लिए सीजफायर का ऐलान किया था. उसके बावजूद इजराइल लगातार लेबनान में हमले कर रहा है.
लेबनान पर इजरायली हमले में 250 की मौत
2 हफ्ते का सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया. इस हमले में एक ही दिन में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1100 से ज्यादा लोग घायल हो गए. बुधवार दोपहर बेरूत की सड़कों पर एक के बाद एक 5 बड़े धमाके हुए. पूरा शहर दहल गया. इजराइली सेना ने खुद इस बात की पुष्टि की उसने सिर्फ 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ हमला किया.
‘लेबनान सीजफायर का हिस्सा नहीं’
बता दें कि इजराइल के पीएम नेतन्याहू ने सीजफायर के ऐलान के बाद ही साफ किया था कि लेबनान 2 हफ्तों के इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है और उनकी सेना का अभियान जारी रहेगा.अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के वार्ताकारों को लगा था कि लेबनान भी अमेरिका-ईरान सीजफायर में शामिल है, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने इस पर सहमति नहीं दी थी. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल ने लेबनान में अपने कदमों को सीमित रखने पर सहमति जताई है.



