Thursday, March 19, 2026
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Iran Israel conflict : ईरान ने इजराइल के हमले के बाद खाड़ी में तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों पर हमले तेज किए

ईरान ने इजराइल के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों के तेल-गैस ठिकानों पर हमले तेज कर दिए, जिससे युद्ध और गहरा गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई और कच्चा तेल 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा और क्षेत्रीय तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया।

Iran Israel conflict : दुबई। ईरान ने अपने एक प्रमुख गैस फील्ड पर इजराइल के हमले के जवाब में बृहस्पतिवार को खाड़ी देशों में तेल और गैस के प्रतिष्ठानों पर हमले बढ़ा दिए और इस तरह युद्ध की स्थिति गहराती जा रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है। इन हमलों के बाद ईंधन के दामों में तेजी से वृद्धि हुई और ईरान के पड़ोसी अरब देशों के सीधे संघर्ष के दायरे में आने का खतरा बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के लगातार अवरोधों के कारण पहले से दबाव में बनी हुई वैश्विक आपूर्ति ईरान के इन हमलों से और अधिक दबाव में आ रही है। इस क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास एक जहाज में आग लगा दी गई और कतर के पास एक अन्य जहाज क्षतिग्रस्त हो गया। एक ईरानी ड्रोन से लाल सागर में स्थित सऊदी अरब की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।

ईरान-इजराइल संघर्ष तेज, खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमले से बढ़ा वैश्विक संकट

इजराइल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमलों के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। तेल के अंतरराष्ट्रीय मानक ‘ब्रेंट क्रूड’ की कीमत युद्ध शुरू होने के बाद से 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के हमलों की निंदा की। अरब लीग के महासचिव अहमद अबूल घीत ने इसे खतरनाक तरीके से उकसावे वाला बताया। सऊदी अरब ने बताया कि एक ड्रोन ने लाल सागर के किनारे स्थित बंदरगाह शहर यानबू में देश की एसएएमआरईएफ रिफाइनरी पर बृहस्पतिवार को हमला किया।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है लेकिन उसने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। यह हमला कुवैत की दो तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद हुआ। ईरान ने फारस की खाड़ी में ‘साउथ पार्स’ प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर बुधवार को किये गये इजराइली हमले के जवाब में ये हमले किए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आश्वासन दिया कि इजराइल ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्र ‘साउथ पार्स’ पर और हमले नहीं करेगा लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि अगर ईरान ने कतर पर फिर हमला किया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और उस ‘‘पूरे क्षेत्र को उड़ा देगा।’’ वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल और कतर पर ईरानी मिसाइल हमलों के बीच ट्रंप ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर यह टिप्पणी की।

इजराइल के हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री की मौत

ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं इस पैमाने की हिंसा और विनाश की अनुमति नहीं देना चाहता क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर दीर्घकालिक असर पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा कि लेकिन अगर कतर के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) स्थलों पर फिर हमला हुआ तो वह ऐसा करने में कतई हिचकिचाएंगे नहीं। उधर पेंटागन ने ईरान युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर का अतिरिक्त कोष मांगा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इजराइल के हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री की मौत हो गई है। इजराइल ने शीर्ष ईरानी नेतृत्व के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए बुधवार को ईरान के अपतटीय प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर कथित तौर पर हमला किया जिससे क्षेत्र की आर्थिक जीवनरेखा यानी ऊर्जा पर दबाव और बढ़ गया।

ईरान ने उसके विशाल प्राकृतिक गैस क्षेत्र ‘साउथ पार्स’ पर हुए हमले की निंदा की। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इन हमलों के ऐसे ‘‘अनियंत्रित परिणाम’’ होने की चेतावनी दी, जो ‘‘पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकते हैं।’’ ‘साउथ पार्स’ अपतटीय प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर इजराइल के हमले के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के अपने पड़ोसी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए और कतर के गैस केंद्रों को निशाना बनाया। इसके जवाब में कतर ने ईरानी दूतावास के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया। तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात के हबशान गैस संयंत्र और बाब क्षेत्र को भी निशाना बनाया जिसे वहां की सरकार ने युद्ध में ‘‘उकसाने वाला खतरनाक कदम’’ बताया।

अबू धाबी के अधिकारियों ने कहा कि इन स्थलों पर गैस परिचालन बंद कर दिया गया था। कतर और संयुक्त अरब अमीरात पर हुए इन हमलों से खाड़ी के अरब देशों पर दबाव बढ़ रहा है। ये देश 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरानी हमलों से अपनी रक्षा कर रहे हैं, लेकिन अपने सैन्य अड्डों, असैन्य स्थलों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले झेलने के बावजूद उन्होंने ईरान के खिलाफ कोई जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं की है।

फलस्तीनी ‘रेड क्रिसेंट’ ने बताया कि ईरान की ओर से इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के दौरान कब्जे वाले पश्चिमी तट के बेत अवा कस्बे में कम से कम तीन लोग मारे गए और कम से कम 13 अन्य लोग घायल हुए। इससे पहले प्राधिकारियों ने कम से कम चार लोगों की मौत होने की जानकारी दी थी लेकिन बाद में संख्या में संशोधन किया गया। कतर की ऊर्जा कंपनी ‘कतरएनर्जी’ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उसके रस लफ्फान तरलीकृत प्राकृतिक गैस केंद्र पर एक मिसाइल गिरी, जिससे वहां आग लग गई और ‘‘व्यापक’’ नुकसान हुआ। ईरानी हमलों के कारण कंपनी वहां उत्पादन पहले ही रोक चुकी थी। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान, तुर्किये, भारत और अन्य देशों से कुछ ही पोत होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर खुले समुद्र तक पहुंच पाए हैं। ईरान का कहना है कि यह जलमार्ग अमेरिका और उसके सहयोगियों के अलावा अन्य सभी देशों के लिए खुला है।

Mukesh Kumar
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