तेहरान। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुआ अस्थायी युद्धविराम अब खतरे में नजर आ रहा है। हालात तब और बिगड़ गए जब ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने का निर्णय लिया। यह कदम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई इज़राइल द्वारा लेबनान में बढ़ते सैन्य हमलों के विरोध में की गई है। इज़राइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमलों को तेज कर दिया है।
इन हमलों में रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है, जहां से दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। इसी को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख भूमिका है, ने इस मार्ग को तुरंत खोलने की मांग की है ताकि शांति वार्ताएं प्रभावित न हों।
हालांकि दोनों देशों ने इस दो सप्ताह के युद्धविराम को सकारात्मक बताया था, लेकिन जमीनी स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं, जो संघर्ष की गंभीरता को दर्शाते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस समझौते को “बेहद नाजुक” बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि हिंसा नहीं रुकी, तो शांति प्रयास विफल हो सकते हैं।
मौजूदा हालात अगर जल्द नियंत्रित नहीं किए गए, तो यह संकट बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ सकता है।



