Friday, January 2, 2026
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इंदौर दूषित पेयजल त्रासदी : सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए, विजयवर्गीय के बयान पर मचा गया था बवाल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त प्रकोप को लेकर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एक अपर आयुक्त का तत्काल तबादला किया गया और आयुक्त व अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया। स्थानीय लोगों ने 15 मौतों का दावा किया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने चार मौतों की पुष्टि की है।

Indore contaminated water tragedy: इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के मामले में शुक्रवार को नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जिनमें एक अपर आयुक्त का शहर से तत्काल तबादला किए जाने का कदम शामिल है। स्थानीय नागरिकों ने शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 15 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है। विभाग के मुताबिक इस प्रकोप में केवल चार लोगों की मौत हुई है।

इंदौर नगर निगम के आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने दूषित पेयजल मामले को लेकर एक समीक्षा बैठक में इंदौर नगर निगम के आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण अभियंता से जल वितरण कार्य विभाग का दायित्व वापस लेने के भी निर्देश दिए हैं। यादव ने बताया कि उन्होंने नगर निगम में आवश्यक नियुक्तियां तत्काल किए जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ दूषित पेयजल मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव की प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया,‘‘इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत हम राज्य के अन्य स्थानों के लिए भी सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।’’ एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इंदौर नगर निगम के एक ‘जोनल’ अधिकारी और एक सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से पहले ही निलंबित कर दिया गया है और एक प्रभारी उप अभियंता की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

विजयवर्गीय के बयान से मच गया था बवाल

बता दें कि मध्यप्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में दूषित पेयजल संकट के बारे में एक टीवी पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर कैमरे के सामने एक आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करके राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है। यह घटना बुधवार देर रात उस समय हुई जब राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले डायरिया के प्रकोप के संबंध में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डायरिया मामले में आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या चार बताई गई है और 212 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र के निवासियों का दावा है कि अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

पत्रकार ने प्रभावित इलाके से लौट रहे मंत्री से पूछा कि निजी अस्पतालों को चुकाये गये बिल का भुगतान निवासियों को क्यों नहीं किया गया और इस इलाके के नागरिकों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई है? अपने समर्थकों और अधिकारियों से घिरे मंत्री ने पत्रकार पर नाराजगी दिखाते हुए कहा, ‘‘छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो।’’ जब पत्रकार ने इस सवाल का जवाब देने के लिए दबाव बनाया तो पत्रकार और विजयवर्गीय के बीच बहस हो गई जिसके बाद मंत्री ने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो में मंत्री को पत्रकार के सवाल को खारिज करने के लिए ‘‘घंटा’’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है। इस शब्द का इस्तेमाल बोलचाल में अक्सर ‘बकवास’ या ‘बेकार की बात’ के अर्थ में किया जाता है।

विजयवर्गीय ने बयान जारी करके जताया खेद

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विजयवर्गीय ने बयान जारी करके खेद जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, ‘‘मैं और मेरी टीम पिछले दो दिन से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए। इस गहरे दु:ख की स्थिति में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे मुंह से गलत शब्द निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं।’’

इस बीच, कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के विवादास्पद वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा, ‘‘इंदौर में दूषित पानी पीने से मौतों की संख्या आठ से बढ़कर 10 हो गई है।’’ उन्होंने भाजपा नेताओं पर अहंकारी होने का आरोप लगाया और मांग की कि मुख्यमंत्री मोहन यादव नैतिक आधार पर विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगें। यादव ने बुधवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले डायरिया के प्रकोप को ‘आपात स्थिति’ बताया था और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उन्होंने बताया था कि 212 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 50 को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई।

Mukesh Kumar
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