Afghanistan Flash Flood: अफगानिस्तान में कुदरत का कहर देखने को मिला है. जहां भारी बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई. जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए. अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को यह जानकारी दी. हेरात प्रांत के काबकान जिले में एक मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के 5 सदस्य मारे गए. हेरात के गवर्नर के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ सईदी के अनुसार मरने वालों में 2 बच्चे भी शामिल हैं.
1859 मकान पूरी तरह या आंशिक क्षतिग्रस्त
यूसुफ हम्माद के मुताबिक, कपिसा, परवान, दयकुंडी, उरुज़गान, कंधार, हेलमंद, बदघीस, फरयाब, बदख्शां, हेरात और फराह प्रांत इस आपदा की चपेट में आए हैं। बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है, करीब 1,859 मकान पूरी या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, लगभग 209 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बह गईं. साथ ही करीब 1,200 पशुओं की मौत हुई और 13,941 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न या नष्ट हो गई.
बाढ़ से 1800 परिवार प्रभावित
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने बताया कि खराब मौसम के कारण देश के मध्य, उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, मवेशी मारे गए हैं और लगभग 1,800 परिवार प्रभावित हुए हैं जिससे पहले से ही कमजोर शहरी और ग्रामीण समुदायों की स्थिति और खराब हो गई है. प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के आकलन के लिए टीम भेजी गईं हैं. और आगे की जरूरतों का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण जारी हैं.
अफगानिस्तान में दशकों से जारी संघर्ष, कमजोर बुनियादी ढांचा, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर ने ऐसी आपदाओं को और भी विनाशकारी बना दिया है. इसका सबसे ज्यादा असर दूरदराज के इलाकों में दिखता है, जहां बड़ी संख्या में कच्चे मकान हैं और अचानक आने वाली बाढ़ से बचाव के साधन बेहद सीमित हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने जारी की चेतावनी
उधर संयुक्त राष्ट्र और अन्य राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि 2026 में भी अफगानिस्तान दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में शामिल रहेगा। इसी को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदारों ने देश में करीब 1.8 करोड़ जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 1.7 अरब डॉलर की सहायता की अपील की है।




