Haryana Electricity Rates: हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने 2025-26 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की है जिसके तहत घरेलू और औद्योगिक श्रेणियों के लिए शुल्क में पिछले वर्ष की तुलना में 20 से 30 पैसे प्रति किलोवाट/केवीएएच तक की बढ़ोतरी की गई है. HERC ने यह आदेश मंगलवार देर रात जारी किया.
घरेलू उपभोक्ताओं की जेब पर कितना असर ?
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए HERC ने बिजली की दर में 20 पैसे प्रति किलोवाट की बढ़ोतरी की है. शून्य से 50 यूनिट के स्लैब में दर 2 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 2.20 रुपये कर दी गई है. इसी तरह, 51-100 यूनिट स्लैब में भी दर 2.50 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 2.70 रुपये की गई है. प्रति माह 100 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को शून्य से 150 यूनिट के स्लैब में अब 2.75 के बजाय 2.95 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से भुगतान करना होगा.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में श्रेणी-एक के लिए शुल्क 2.70 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर दो रुपये (0-50 यूनिट प्रति माह) कर दिया गया था और 51 से 100 यूनिट स्लैब में शुल्क 4.50 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 2.50 रुपये किया गया था, जिन्हें अब नवीनतम आदेश में 2.20 रुपये और 2.70 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है.
300 यूनिट तक मासिक खपत पर कोई निर्धारित शुल्क नहीं
बयान में कहा गया, ‘‘इसके अलावा, बिजली दरों का यह नया ढांचा न्यूनतम मासिक शुल्क (MMC) के बोझ को खत्म करके लोगों को तत्काल राहत प्रदान करता है. हालांकि, दो तरह की शुल्क व्यवस्था शुरू की गई है, जिसमें 300 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई निर्धारित शुल्क नहीं लगाया जाएगा. श्रेणी-एक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए शुल्क अभी भी पड़ोसी राज्यों की तुलना में सबसे कम है.”
5 किलोवाट से अधिक लोड वालों के लिए एक नयी श्रेणी
इस बीच, 151-300 यूनिट के स्लैब के लिए दर 5.25 रुपये, 301 से 500 यूनिट तक के लिए 6.45 रुपये और 500 यूनिट से अधिक की खपत के लिए 7.10 रुपये प्रति किलोवाट होगी. HERC ने 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए एक नयी श्रेणी भी बनाई है. शून्य से 500 यूनिट स्लैब के लिए दर 6.50 रुपये, 501 से 1,000 यूनिट के लिए 7.15 रुपये और 1,000 यूनिट से अधिक के लिए 7.50 रुपये प्रति किलोवाट होगी. इसके अलावा, 301 से 500 तथा 500 यूनिट से अधिक स्लैब में 50 रुपये प्रति किलोवाट का निर्धारित शुल्क लगाया गया है.
औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए यह रहेगा रेट
औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए, 11 केवीएएच आपूर्ति श्रेणी में दर 6.65 रुपये प्रति केवीएएच (किलोवोल्ट-एम्पीयर घंटा) से बढाकर 6.95 रुपये कर दी गई है. इसके अलावा, इस श्रेणी में निर्धारित शुल्क 165 रुपये प्रति केवीए (किलोवोल्ट एम्पीयर) प्रति माह से बढ़ाकर 290 रुपये कर दिया गया है.
किसानों के लिए टैरिफ में कमी
किसानों को राहत देने के लिए मीटर कनेक्शन वाली कृषि श्रेणी के शुल्क में कमी की गई है. लोड के अनुसार, न्यूनतम मासिक शुल्क प्रति बीएचपी सालाना 200 रुपये प्रति केवीए से घटाकर 180/144 रुपये कर दिया गया है. मशरूम कम्पोस्ट और स्पॉन, अत्याधुनिक हाइड्रोपोनिक्स, एरोपोनिक्स और शीत भंडारण जैसे उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि उद्योग/एफपीओ के वास्ते 20 किलोवाट से ऊपर का एक नया स्लैब बनाया गया है जिसके लिए शुल्क 6.50 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। अभी 20 किलोवाट से अधिक लोड वाले एफपीओ का बिल एलटी आपूर्ति श्रेणी के शुल्क के अनुसार दिया जा रहा था।
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