Maratha reservation issues : मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे की मांगों को कानूनी और संवैधानिक ढांचे के भीतर पूरा करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल मराठा समुदाय को (सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत) दिया गया 10 प्रतिशत आरक्षण अब भी लागू है। मराठा समुदाय को ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा।
फडणवीस ने कहा कि मराठा समुदाय को शिक्षा और रोजगार प्रदान करने के लिए सबसे अधिक फैसले 2014 और 2025 के बीच लिए गए (यह वह अवधि है जब अधिकतर समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें सत्ता में रही हैं)। जरांगे के हजारों समर्थक दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान और उसके आसपास डेरा डाले हुए हैं, जहां जरांगे ने फिर से अपना आंदोलन शुरू किया है।
जरांगे का अनशन और समर्थकों की भीड़
मनोज जरांगे ने शुक्रवार सुबह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। वहीं इस भूख हड़ताल के समर्थन में जगह-जगह से पहुंचे हजारों समर्थक दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा हुए, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक लगभग ठप हो गया। शुरुआत में प्रशासन ने उन्हें केवल एक दिन के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी थी, लेकिन जरांगे ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की इजाजत मांगी थी। इस पर सीएम फडणवीस ने कहा कि पुलिस इस पर सकारात्मक विचार करेगी।
भूख हड़ताल को लेकर सरकार की स्थिति
वहीं सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘कैबिनेट उपसमिति को मराठा समाज से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का अधिकार है। जरांगे की मांगों पर समिति विचार कर रही है। समाधान ऐसा होगा जो संविधान और कानून की सीमाओं के भीतर हो।’ बता दें कि आंदोलनकारी मनोज जरांगे की प्रमुख मांग है कि सभी मराठाओं को कुनबी समुदाय में दर्ज किया जाए। कुनबी जाति ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में आती है, जिससे मराठाओं को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिल सके। लेकिन मौजूदा ओबीसी समुदाय इसका विरोध कर रहा है।
किसी के साथ अन्याय नहीं होगा : फडणवीस
इस दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि सरकार मराठा और ओबीसी समुदायों को आमने-सामने नहीं खड़ा करेगी। ‘हम किसी भी समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। पिछले दस वर्षों में हमारी सरकार ने मराठाओं के लिए जितना काम किया है, उतना किसी और सरकार ने नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल मराठाओं के लिए लागू किया गया 10 प्रतिशत आरक्षण अदालत की कसौटी पर खरा उतरा है और अभी तक वैध है।
विपक्ष पर सीएम फडणवीस का हमला
वहीं सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर समाज में तनाव फैलाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘इस मसले को राजनीतिक मत बनाइए। ओबीसी और मराठा समाज को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश न करें। हमारा सामाजिक ताना-बाना सबसे अहम है।’