Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दूसरे एपिसोड में कहा कि विद्यार्थियों को अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन उन कुछ बच्चों के मालिक बन गए हैं, जो उनके बिना या टेलीविजन स्क्रीन के बिना खाना भी नहीं खा सकते. इसका मतलब है कि आप मोबाइल के गुलाम बन गए हैं.’
#WATCH पीएम नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन के दौरान छात्रों से बातचीत की।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 9, 2026
उन्होंने कहा, "देश जो आज आगे जो बढ़ा है वो आदिवासी समाज के कारण ही बढ़ा है आज देश का पर्यावरण बचा है तो आदिवासी समाज की वजह से ही वे प्रकृति की पूजा करते हैं…"
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मोदी ने कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात में विद्यार्थियों से हुई बातचीत में कहा, आपको यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि आप अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देंगे.’ उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से न डरें, बल्कि उनका उपयोग अपने कौशल को निखारने और अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए करें.
‘बेहतर प्रदर्शन के लिए पिछले प्रश्न पत्रों का करें अभ्यास’
पीएम मोदी ने विद्यार्थियों से परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पिछले प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने और पर्याप्त नींद लेने का भी आग्रह किया. मोदी ने कहा, ‘परीक्षाओं की अच्छी तैयारी करने के बाद आपको कभी तनाव महसूस नहीं होगा. रात में अच्छी नींद लेने से आप दिन भर खुश रहेंगे.’
#WATCH पीएम नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के दौरान कहा, "…मुझे खुशी है कि मेरे देश के छात्र 2047 के लिए विजन रखते हैं… अगर हम एक विकसित देश बनना चाहते हैं, तो हमें अपनी आदतों को इसके साथ जोड़ना होगा…"
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छात्र जीवन में शिक्षकों की भूमिका को किया याद
प्रधानमंत्री ने अपने छात्र जीवन में अपने शिक्षकों की भूमिका और स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम पर उनके जोर को याद किया. उन्होंने कहा, ‘अगर आप किसी भी महान व्यक्ति से पूछेंगे, तो वे कहेंगे कि उनकी मां और शिक्षकों ने उनके जीवन को आकार देने में मदद की.’
‘नेतृत्व का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है’
नेतृत्व के विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर संवाद करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण गुण है. उन्होंने कहा, ‘नेतृत्व का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है. नेतृत्व की एक बड़ी खूबी कम से कम 10 लोगों को अपने विचार स्पष्ट रूप से संप्रेषित करने की क्षमता है.’
#WATCH पीएम नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन के दूसरे एपिसोड में छात्र से बातचीत की।
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उन्होंने कहा, "…स्टार्टअप के लिए 25 साल की उम्र ज़रूरी नहीं है, इसे कभी भी शुरू किया जा सकता है… स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से संपर्क करना चाहिए और समझना चाहिए कि वे… pic.twitter.com/4jJ86js1Ah
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