Faiz-e-Elahi Masjid Demolition Drive: दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में एक मस्जिद के पास बुधवार तड़के अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हिंसा हुई जिसमें कम से कम 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया. पुलिस ने बाद में कहा कि संयमित बल प्रयोग से कर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया.
#WATCH | दिल्ली: तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर MCD की बुलडोजर कार्रवाई जारी है। pic.twitter.com/XZPKK2fApA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी सैयद फैज इलाही मस्जिद से सटे इलाके और तुर्कमान गेट के पास के कब्रिस्तान पर अतिक्रमण हटाने का अभियान संचालित कर रहे थे तभी ये पथराव की घटना हुई.
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पथराव
DCP निधिन वलसन ने कहा, कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई. MCD ने हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार कब्ज़े वाली ज़मीन पर तोड़फोड़ की. रात में पुलिस पर पत्थर फेंके गए. हमने उन्हें पीछे हटाने के लिए कम से कम बल का इस्तेमाल किया. इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया बहुत सुचारू रूप से चली. 4 से 5 अधिकारियों को मामूली चोटें आईं. जैसे ही हमें CCTV कैमरा फुटेज, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज मिलेगा, हम बदमाशों की पहचान करेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे.”
#WATCH दिल्ली: DCP निधिन वलसन ने कहा, "कार्रवाई अभी भी जारी है… MCD तोड़फोड़ कर रही है। हमने सुरक्षा के लिए अपने स्टाफ को तैनात किया है। कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई। MCD ने हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार कब्ज़े वाली ज़मीन पर तोड़फोड़ की। रात में पुलिस पर पत्थर फेंके गए।… https://t.co/eHAXmc7wkl pic.twitter.com/gcCPqFtkiA
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पुलिस ने पहले ही किए थे पुख्ता इंतजाम
डीसीपी ने बताया कि फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित एक ‘बैंक्वेट हॉल’ और एक औषधालय को अभियान के दौरान ध्वस्त किया जा रहा था. इन्हें अदालत ने अतिक्रमण घोषित किया था. यह जमीन एमसीडी की है और उसने प्रस्तावित विध्वंस के बारे में पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल की तैनाती की मांग की थी.
डीसीपी ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थानीय निवासियों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि यह तोड़फोड़ कानूनी कार्रवाई है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने इलाके के लोगों को विश्वास में लिया और उसे लोगों का सहयोग भी मिला. कानून-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम पहले से ही किए गए थे और वरिष्ठ अधिकारियों को कई क्षेत्रों में तैनात किया गया था. स्थानीय शांति समितियों के सदस्यों के साथ समन्वय बैठकें भी की गईं.




