Monday, January 12, 2026
HomePush NotificationDelhi Digital Scam: दिल्ली पुलिस को 14.85 करोड़ रुपये के ‘डिजिटल अरेस्ट’...

Delhi Digital Scam: दिल्ली पुलिस को 14.85 करोड़ रुपये के ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी में फिलहाल कोई सफलता नहीं मिली, बुजुर्ग महिला को बनाया था शिकार

दक्षिण दिल्ली के एक बुजुर्ग दंपति से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए 14.85 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में चार दिन बाद भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। जालसाजों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर दंपति को धमकाया और कई खातों में रकम ट्रांसफर कराई।

Delhi Digital Scam: नई दिल्ली। ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर दक्षिण दिल्ली के एक बुजुर्ग दंपति से 14.85 करोड़ रुपये ठगे जाने के चार दिन बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है और न ही कोई बरामदगी हो सकी है। ठगी गई रकम अंत में प्राप्त करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जांचकर्ताओं को काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और इसलिए रुपयों के जटिल लेन-देन का पता लगाने के मकसद से विशेष दल गठित किए गए हैं।

लेन-देन की जांच करने के लिए 2 टीम गठित

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘रुपयों के लेन-देन की जांच करने के लिए हमने दो टीम गठित की हैं और ये टीम विशेष रूप से वित्तीय लेन-देन पर नजर रखेंगी तथा जल्द ही मुख्य आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।’’ अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में ‘म्यूल’ खाते शामिल होने के कारण जांच ‘अत्यंत चुनौतीपूर्ण’ साबित हो रही है। ‘म्यूल’ ऐसे बैंक खाते होते हैं जिसका इस्तेमाल अपराधी, खाताधारक की जानकारी से या जानकारी के बगैर, अवैध धन प्राप्त करने, धन अंतरित करने या उसे वैध बनाने के लिए करते हैं। अधिकारी ने बताया कि विभिन्न खातों से धन की हेराफेरी में शामिल संदिग्धों की सक्रिय रूप से तलाश की जा रही है और ई-प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है तथा ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) इकाई जांच कर रही है।

बुजुर्ग महिला को बनाया था शिकार

ओम तनेजा (81) और पेशे से चिकित्सक उनकी पत्नी इंदिरा (77) द्वारा नौ जनवरी को पुलिस से संपर्क किए जाने के बाद यह मामला सामने आया। ग्रेटर कैलाश निवासी इस दंपति को दो सप्ताह से अधिक समय से ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया था। पुलिस ने बताया कि यह धोखाधड़ी 24 दिसंबर से नौ जनवरी के बीच की गई थी और इस दौरान दंपति को लगातार ऑडियो तथा ‘वीडियो कॉल’ पर रहने के लिए मजबूर किया गया। जालसाजों ने दूरसंचार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनकर दंपति को गिरफ्तारी की धमकी देकर सत्यापन के नाम पर उनसे बड़ी रकम अंतरित कराने के लिए मजबूर किया।

आरोपियों ने दंपति की उम्र और अकेलेपन का फायदा उठाया। तनेजा दंपति कई दशकों तक अमेरिका में काम करने के बाद 2016 में भारत लौटे थे, जबकि उनके बच्चे विदेश में बसे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि दंपति को कई बैंक खातों में लगभग दो करोड़ रुपये अंतरित करने के निर्देश दिए गए। कुल मिलाकर आठ लेनदेन किए गए। उन्हें लगभग दो करोड़ रुपये के ‘म्यूचुअल फंड’ समय से पहले निकालने के लिए भी मजबूर किया गया था। ओम तनेजा ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती पुलिस को पहले सूचना न देना थी। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारी जीवन भर की सारी कमाई चली गई।’’

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular