Davos World Economic Forum : दावोस। दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में प्रमुख वैश्विक आर्थिक नीति निर्माताओं ने देशों और व्यवसायों से आग्रह किया कि वे ट्रंप प्रशासन के साथ एक सप्ताह से जारी टकराव से पैदा हुई उथल-पुथल को दरकिनार करें। उन्होंने कहा कि इसकी जगह वृद्धि को बढ़ावा देने तथा असमानता से लड़ने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अभी भी सख्त जरूरत है।
दावोस में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की प्रमुख नगोजी ओकोन्जो-इवेला ने एक समूह चर्चा में कहा कि तमाम शोर-शराबे के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था अप्रत्याशित मजबूती दिखा रही है। लेकिन, जहां एक ओर वृद्धि की गति बनी हुई है, वहीं सरकारी कर्ज के चिंताजनक स्तर और असमानता जैसी समस्याएं भी मंडरा रही हैं।

ट्रंप की व्यापार नीतियों के बीच दावोस से संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों के कारण पैदा हुए व्यवधानों के बावजूद यह मजबूती बनी हुई है। ट्रंप ने इस सप्ताह के दौरान उन देशों पर शुल्क लगाने की धमकी देकर माहौल गरमा दिया था, जो ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की योजना के खिलाफ थे। हालांकि बाद में उन्होंने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया। नीति निर्माताओं ने कहा कि अब दुनिया भर में भारी कर्ज की भरपाई के लिए वृद्धि को बढ़ावा देने और कृत्रिम मेधा जैसी विघटनकारी तकनीकों का सही इस्तेमाल करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, यूरोप को उत्पादकता बढ़ाने और निवेश के लिए अपने कारोबारी माहौल में सुधार करने की जरूरत है।
जॉर्जीवा ने कहा कि आईएमएफ ने इस साल के लिए वृद्धि अनुमान को बढ़ाया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और आत्मसंतुष्टि में नहीं पड़ना चाहिए। लेगार्ड ने कहा, ”हमें वैकल्पिक योजना या कई अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा। मुझे लगता है कि इस हफ्ते काफी शोर-शराबे वाली बातें हुईं और हमें इस शोर के बीच से असली संकेतों को पहचानने की जरूरत है। हमें विकल्पों के बारे में बात करनी चाहिए।”




