Congress On Budget 2026: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर नीति निर्धारण में समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए शनिवार को सवाल उठाया कि क्या बजट के आंकड़े पेश किए जाने के तुरंत बाद उनमें संशोधन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि बजट के कुछ ही दिनों बाद सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की नई शृंखला जारी होने वाली है, जिसका सीधा असर बजट के आंकड़ों पर पड़ सकता है।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट रविवार को पेश किया जाएगा।
16वें वित्त आयोग को लेकर राज्यों में आशंका
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि राज्य सरकारें इस बात को लेकर आशंकित होंगी कि बजट में उनके लिए क्या प्रावधान किए गए हैं, क्योंकि वित्त मंत्री 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि 16वां वित्त आयोग 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए केंद्र द्वारा एकत्र कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी और विशेष अनुदानों को लेकर सिफारिश करता है।
GDP और CPI की नई शृंखला बनी चिंता का कारण
जयराम रमेश ने कहा कि बजट के कई आंकड़े GDP के प्रतिशत के रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे, जबकि 27 फरवरी 2026 को 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नई और अद्यतन GDP शृंखला जारी की जानी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या एक फरवरी को बजट पेश होने के बाद इन आंकड़ों में संशोधन किया जाएगा।
उन्होंने दूसरी चिंता जताते हुए कहा कि 12 फरवरी 2026 को 2024 को आधार मानकर नई CPI शृंखला जारी होने की संभावना है। इसमें खाद्य कीमतों की हिस्सेदारी में गिरावट दिख सकती है, जिसका असर बजट के आंकड़ों पर पड़ेगा।
WPI में भी हो रहा संशोधन
कांग्रेस नेता ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में भी संशोधन किया जा रहा है, जिसे आने वाले महीनों में सार्वजनिक किया जा सकता है। उनके मुताबिक, यह पूरी स्थिति नीति निर्माण में तालमेल की कमी को दर्शाती है।
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार एक फरवरी को अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करेंगी, जिसमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं।




