Thursday, February 5, 2026
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Bangladesh Border Fence: ममता बनर्जी का बड़ा बयान, भूमि देने में कोई आपत्ति नहीं पर बीएसएफ अधिकार क्षेत्र संबंधी नियम केंद्र को वापस लेना होगा

Bangladesh Border Fence: कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन केंद्र को पहले राज्य में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के “मनमाने” फैसले को रद्द करना होगा।

भूमि कोई समस्या नहीं होगी। आपको भूमि मिल जाएगी : ममता बनर्जी

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने में राज्य सरकार के असहयोग के आरोपों के बीच विधानसभा में बनर्जी ने कहा कि बीएसएफ सहित सभी केंद्रीय संगठनों और एजेंसियों को पहले ही भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, भूमि कोई समस्या नहीं होगी। आपको भूमि मिल जाएगी, लेकिन पहले बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के मनमाने नियम को बदलें। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दी गई भूमि का पूरा डेटा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। शाह ने हाल में आरोप लगाया था कि राज्य सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करा रहा है।

बाड़ अधूरी रहने पर शुभेंदु अधिकारी का ममता सरकार को घेरा

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हुआ है क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस उद्देश्य के लिए भूमि सौंपने में सहयोग नहीं किया। अधिकारी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश से घुसपैठ के जरिए पश्चिम बंगाल में जनसांख्यिकीय बदलाव किया जा रहा है और कुछ जगहों पर हिंदू त्योहारों के आयोजन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने पर ही इस पर रोक सुनिश्चित हो सकेगी।

अधिकारी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘त्रिपुरा, असम और मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा पर शत प्रतिशत बाड़बंदी हो जाने के बावजूद पश्चिम बंगाल में यह काम पूरा नहीं हुआ है।’’ नंदीग्राम से विधायक अधिकारी ने कहा, ‘‘जब भी सीमा सुरक्षा का मुद्दा उठता है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं उनके सहयोगी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों तथा फर्जी पहचान पत्र, राशन कार्ड या पैन कार्ड जब्त किए जाने से जुड़े मामले सामने आते हैं तो तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व बीएसएफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्र सरकार और भाजपा को दोषी ठहराता है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री लोगों को झाड़ू और रसोई के बर्तनों से बीएसएफ कर्मियों पर हमला करने के लिए उकसाती हैं और उनके कुछ मंत्री भी बल के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियां करते हैं।

अधिकारी ने कहा कि लोगों को पता है कि सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने के लिए जमीन राज्य सरकार को उपलब्ध करानी होगी। भाजपा नेता ने कहा, भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार भूमि का अधिग्रहण राज्य सरकार को ही करना होता है। अधिकारी ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के पिछले सप्ताह के आदेश में पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया गया था कि वह नौ जिलों में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के उद्देश्य से पहले से अधिगृहीत उन भूखंडों को 31 मार्च तक बीएसएफ को सौंप दे जिनके लिए राज्य को केंद्र से मुआवजा पहले ही मिल चुका है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र द्वारा बार-बार याद दिलाने और राज्य प्राधिकारियों के साथ बैठकों के बावजूद ममता बनर्जी सरकार ने कंटीली बाड़ लगाने के लिए सीमा पर जमीन नहीं सौंपी है। अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में हाल में कहा था कि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों के आने से केवल यह राज्य प्रभावित नहीं हो रहा बल्कि इससे पूरे देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। अधिकारी ने कहा, ‘‘अमित शाह ने लोगों को आश्वासन दिया है कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा की सरकार बनने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीमा पर 45 दिन में कंटीली बाड़ लगाने का काम पूरा हो जाए।’’

Mukesh Kumar
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