Beijing। चीन तेजी से डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर वैश्विक स्तर पर अपने राजनीतिक संदेशों को नए और आकर्षक तरीके से पेश करने की रणनीति अपना रहा है। चीन सोशल मीडिया और एआई-जनित कंटेंट के जरिए अंतरराष्ट्रीय विमर्श को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
हाल ही में सामने आए एक एआई-निर्मित एनिमेशन में अंतरराष्ट्रीय संघर्ष को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया, जिसमें अमेरिका को आक्रामक और दबदबे वाली शक्ति के रूप में दिखाने का प्रयास किया गया। इस वीडियो में अलग-अलग पात्रों के जरिए वैश्विक राजनीति, संघर्ष और शक्ति संतुलन जैसे विषयों को रचनात्मक अंदाज में पेश किया गया।
पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई डिजिटल वीडियो और संगीत आधारित सामग्री सामने आई है, जिनमें अमेरिकी विदेश नीति और वैश्विक भूमिका पर व्यंग्य किया गया है। इनमें कुछ प्रोजेक्ट्स में ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों और पश्चिमी देशों की रणनीतिक नीतियों पर भी कटाक्ष देखने को मिला है।
यह पूरी डिजिटल रणनीति चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping की उस व्यापक नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें चीन अपनी “सॉफ्ट पावर” को बढ़ाने और पश्चिमी देशों के प्रभाव का संतुलन बनाने पर जोर दे रहा है। इसके तहत अब केवल समाचार या भाषण ही नहीं, बल्कि एआई, एनिमेशन, रैप संगीत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह बदलता हुआ प्रचार मॉडल एक बड़े “सूचना युद्ध” का हिस्सा है, जिसमें वैश्विक स्तर पर जनमत को प्रभावित करने के लिए नई तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। पहले जहां सरकारी प्रचार को औपचारिक और सीमित माना जाता था, वहीं अब इसे अधिक मनोरंजक और आकर्षक रूप दिया जा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस तरह के विदेशी डिजिटल अभियानों को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि सरकारी नियंत्रित मीडिया द्वारा चलाए जा रहे ये प्रयास वैश्विक धारणा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डाल सकते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, एआई आधारित मनोरंजक और दृश्यात्मक कंटेंट युवा वर्ग, खासकर जेनरेशन Z, पर अधिक प्रभाव डालता है, जिससे इसका असर और व्यापक हो जाता है।
इस तरह चीन अब डिजिटल युग में एआई और सोशल मीडिया के सहारे वैश्विक विमर्श को आकार देने की कोशिश कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचना और प्रभाव की प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो गई है।



