Trump Tariff Impact on Share Market: अमेरिका के जवाबी शुल्क की घोषणा के बाद एशियाई बाजारों में कमजोर रुझान के बीच गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई. अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का मानना है कि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत उच्च आयात शुल्क वसूलता है, ऐसे में अब देश के व्यापार घाटे को कम करने और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था.
इस कदम से अमेरिका को भारत के निर्यात पर असर पड़ने के आसार हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जिन्हें हमसे अधिक शुल्क का सामना करना पड़ेगा.
Sensex और Nifty में गिरावट
बीएसई सेंसेक्स 378.60 अंक या 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,238.84 अंक पर आ गया. बाद में यह 809.89 अंक या 1.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,807.55 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया. एनएसई निफ्टी 80.60 अंक या 0.35 प्रतिशत फिसलकर 23,251.75 अंक पर आ गया.
इन कंपनियों के शेयर में नुकसान
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, जोमैटो और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर नुकसान में रहे.
इन कंपनियों के शेयर में फायदा
सन फार्मास्यूटिकल्स, एनटीपीसी, टाइटन, पावरग्रिड, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, इंडसइंड बैंक और लार्सन एंड टूब्रो के शेयर फायदे में रहे.
एशियाई और यूरोपीय बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में जापान के निक्की में तीन प्रतिशत, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में एक प्रतिशत, चीन के शंघाई कम्पोजिट में 0.39 प्रतिशत और हांगकांग के हैंगसेंग में दो प्रतिशत की गिरावट आई. अमेरिकी बाजार बुधवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 2.31 प्रतिशत लुढ़ककर 73.22 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा.
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,538.88 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,808.83 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे.
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