Budget 2026 : Union Budget 2026 Highlights and Key Announcements
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए लोकलुभावन घोषणाओं से परहेज किया और ‘सुधार एक्सप्रेस’ को जारी रखते हुए वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए ‘कर छूट’ और कृषि एवं पर्यटन क्षेत्रों को प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। हालांकि, बजट में वायदा एवं विकल्प खंड में प्रतिभूति सौदा कर बढ़ाये जाने से शेयर बाजार लगभग दो प्रतिशत तक लुढ़क गया। बीएसई सेंसेक्स 1,547 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में 495 अंक की गिरावट आई। सीतारमण ने संसद में कुल 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए छाटे उद्यमों एवं विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की। अबतक के सर्वाधिक 12.22 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के साथ इस बजट को बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच वृद्धि को बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा के रूप में देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित पांच प्रमुख राज्यों में जल्दी ही चुनाव होने वाले हैं, इसके बावजूद राजकोषीय अनुशासन का पालन करते हुए लोकलुभावन योजनाओं से परहेज किया गया।
कृषि, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने वाले बड़े ऐलान(Agriculture, Fisheries and Livestock Schemes in Budget 2026)
सीतारमण ने छूटों को युक्तिसंगत बनाकर सीमा शुल्क व्यवस्था को सरल बनाया है। इसके तहत 17 कैंसर दवाओं पर सीमा शुल्क से छूट दी गयी है। साथ ही ‘बैगेज’ नियमों में ढील दी है और व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। सीतारमण ने अपना लगातार रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करते हुए वैश्विक अनिश्चितता के बीच बुनियादी ढांचे पर सरकार के जोर को बनाये रखते हुए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया जो पिछले वित्त वर्ष में 11.2 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि सरकार सात क्षेत्रों… औषधि, सेमीकंडक्टर, दुर्लभ-खनिज चुंबक, रसायन, पूंजीगत वस्तुएं, वस्त्र और खेल सामग्री… में विनिर्माण को बढ़ावा देने को प्राथमिकता देगी। साथ ही, रोजगार सृजन और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
बजट में पशुधन, मत्स्य पालन और उच्च मूल्य वाले कृषि क्षेत्रों के लिए भी कई कार्यक्रमों की घोषणा की गई। वहीं भारत को जैव-औषधि विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। कपड़ा क्षेत्र के लिए एक एकीकृत कार्यक्रम की भी घोषणा की गई। पर्यटन के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिकी रूप से टिकाऊ पर्वतीय मार्गों के विकास के साथ-साथ 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास का भी प्रस्ताव किया गया। लघु उद्यमों को बढ़ावा देने और भविष्य के ‘चैंपियन’ तैयार करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई वृद्धि कोष बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहन प्रदान करने की बात कही गयी है। बजट में घोषित उपाय पिछले वर्ष आयकर में छूट और जीएसटी कटौती के पूरक हैं। इन उपायों ने बुनियादी ढांचे पर खर्च, श्रम कानून में सुधार और रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती के साथ मिलकर भारतीय अर्थव्यवस्था को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत के शुल्क का सामना करने में मदद की है। वित्त वर्ष 2026-27 का बजट एक जटिल परिस्थितियों में आया है। हालांकि, घरेलू मांग बनी हुई है और मुद्रास्फीति हाल के उच्चस्तर से कम हुई है, लेकिन वैश्विक स्तर पर तनाव, अस्थिर जिंस कीमतों सहित वैश्विक अनिश्चितताएं भविष्य के परिदृश्य को प्रभावित करती रही हैं। घरेलू मोर्चे पर, सरकार पर राजकोषीय घाटे को काबू में रखते हुए उपभोग को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन में तेजी लाने और पूंजीगत व्यय बढ़ाने को लेकर दबाव है।
सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, ‘‘आज हम ऐसे बाहरी वातावरण का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं और संसाधनों तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच बाधित है। नई प्रौद्योगिकियां उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं, जबकि पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है।’’ उन्होंने कहा कि देश समावेशी लक्ष्यों को संतुलित करते हुए विकसित भारत की दिशा में भरोसे के साथ कदम बढ़ाना जारी रखेगा। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘बढ़ती व्यापार और पूंजी आवश्यकताओं वाली एक बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से एकीकृत रहना चाहिए, अधिक निर्यात करना चाहिए और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, और इसके लिए सरकार राजकोषीय मजबूती पर प्राथमिकता के आधार पर काम करती रहेगी, जिसका लक्ष्य अगले वित्त वर्ष में ऋण-जीडीपी अनुपात को 56.1 प्रतिशत से घटाकर 55.6 प्रतिशत करना और राजकोषीय घाटे को चालू वर्ष के 4.4 प्रतिशत से घटाकर 4.3 प्रतिशत करना है।
विकसित भारत की नींव रखने वाला बजट: पीएम मोदी
सरकार ने बॉन्ड बाजारों से 17.2 लाख करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बनाई है। सरकारी कर्ज में वृद्धि के कारण प्रतिफल बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और सुधार यात्रा को मजबूत करता है तथा विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है। मोदी ने यह भी कहा कि बजट ‘अवसरों का राजमार्ग’ है। उन्होंने कहा, यह बजट 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा की नींव है। इस वर्ष का बजट भारत के सुधार को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा। हालांकि, व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने और उद्योग के लिए अनुपालन को आसान बनाने के उद्देश्य से कर और प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की।
बजट में घोषित महत्वपूर्ण उपायों में 10,000 करोड़ रुपये के व्यय वाला एक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र, सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा संस्करण, इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जा विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये का व्यय, खनिज-समृद्ध राज्यों में दुर्लभ खनिज गलियारों की स्थापना, तीन रासायनिक पार्कों की स्थापना और पूंजीगत वस्तुओं की क्षमता को मजबूत करना घोषित उपायों में शामिल हैं। इसके अलावा, देश से वैश्विक डेटा सेंटर सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक कर छूट देने की भी घोषणा की गयी। तेजी से बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। सरकार ने विदेशी ‘क्लाउड’ कंपनियों की संबंधित इकाई द्वारा प्रदान की जाने वाली डेटा सेंटर सेवाओं की लागत पर 15 प्रतिशत की छूट का भी प्रस्ताव रखा है। इस कदम से उन विदेशी ‘क्लाउड’ कंपनियों को लाभ होने की उम्मीद है जो समूह इकाइयों के माध्यम से अपने देश में परिचालन का ढांचा तैयार कर रही हैं। इससे उन्हें अधिक कर निश्चितता मिलेगी और परिचालन दक्षता में सुधार होगा। इसके साथ, वायदा एवं विकल्प कारोबार पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और विकल्प कारोबार पर 0.01 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही, सभी प्रकार के शेयरधारकों के लिए पुनखर्रीद से प्राप्त आय को पूंजीगत लाभ के रूप में माना जाएगा। अन्य उपायों में विदेशी पर्यटन पैकेज की बिक्री पर टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) को घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि विदेश में शिक्षा और उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत चिकित्सा खर्चों पर भी इसे घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है।
बजट के बाद बाजार में गिरावट, वायदा-ऑप्शन पर टैक्स बढ़ा(Budget 2026 Impact on Stock Market and Investors)
सीतारमण ने कहा कि नया आयकर अधिनियम, 2025, एक अप्रैल से लागू होगा और इसके सरल नियम और फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे। बजट का ताना-बाना ‘तीन कर्तव्यों’ यानी आर्थिक वृद्धि को गति देने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के इर्द-गिर्द बुना गया है। सीतारमण कहा, “इस तीन स्तरीय दृष्टिकोण के लिए एक अनुकूल परिवेश की आवश्यकता है। पहली आवश्यकता संरचनात्मक सुधारों की गति को बनाए रखना है, जो भविष्योन्मुखी हों। दूसरी, बचत जुटाने, पूंजी का कुशलतापूर्वक आवंटन करने और जोखिमों का प्रबंधन करने के लिए एक मजबूत वित्तीय क्षेत्र महत्वपूर्ण है। तीसरा, एआई अनुप्रयोगों सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां बेहतर राजकाज के लिए एक प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य कर सकती हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने और विकास को गति देने के लिए व्यापक आर्थिक सुधार किए हैं। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं। इनमें जीएसटी का सरलीकरण, श्रम संहिता की अधिसूचना और अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है।’’ विकसित भारत के लिए ‘बैंकिंग’ को तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई हैं। साथ ही केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ मिलकर विनियमन में ढील देने और अनुपालन आवश्यकताओं को कम करने पर काम कर रही है।
बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए, पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाला एक एक नया माल ढुलाई गलियारा स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग (उत्तर पश्चिम) चालू किए जाएंगे, एक तटीय माल ढुलाई प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी और समुद्री विमानों के विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। स्वच्छ ऊर्जा के लिए, ‘कार्बन कैप्चर’ उपयोग एवं भंडारण (सीसीयूएस) प्रौद्योगिकियों के लिए अगले पांच साल में 20,000 करोड़ रुपये के व्यय की घोषणा की गई। सरकार पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात ‘हाई-स्पीड’ रेल गलियारों का विकास करेगी। कर संबंधी उपायों में जुर्माने और अभियोजन प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना, अनुमानित आधार पर कर का भुगतान करने वाले सभी अनिवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) से छूट और शराब, कबाड़ और खनिजों जैसी विशिष्ट वस्तुओं के विक्रेताओं के लिए टीसीएस दर को दो प्रतिशत तक युक्तिसंगत बनाना और तेंदू पत्तों पर इसे पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करना शामिल है। बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल के विनिर्माण में उपयोग होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर दी गई मूल सीमा शुल्क छूट का विस्तार किया गया है। परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के मामले में यही किया गया है। सात और दुर्लभ बीमारियों के लिए दवाओं/औषधियों और भोजन के शुल्क-मुक्त व्यक्तिगत आयात की अनुमति दी गई है। छात्रों, युवा पेशेवरों, तकनीकी कर्मचारियों और वापस लौटे प्रवासी भारतीयों जैसे छोटे करदाताओं की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए, उन्होंने एक बार की छह महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा।




